भारत का अनोखा रेलवे ट्रैक, जहां दिन में दो बार समुद्र ढक लेता है पटरियां, फिर भी बिना रुके दौड़ती हैं ट्रेनें
भारत में एक ऐसा रेलवे ट्रैक है, जिसके बारे में सुनते ही लोगों के मन में हैरानी और उत्सुकता दोनों पैदा हो जाती हैं. कहा जाता है कि यह ट्रैक दिन में दो बार समुद्र की लहरों में गायब हो जाता है. दूर से देखने पर यह नजारा सचमुच ऐसा लगता है जैसे चारों तरफ फैले पानी के बीच अचानक कोई ट्रेन चलती दिखाई दे रही हो, मानो पटरियां समुद्र में समा गई हों. लेकिन क्या वास्तव में ऐसा होता है? क्या सच में रेलवे ट्रैक पानी में डूब जाता है, या यह सिर्फ आंखों का भ्रम है? इस अनोखे दृश्य के पीछे की सच्चाई जानना जितना दिलचस्प है, उतना ही चौंकाने वाला भी. यह खास रेल मार्ग दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में स्थित है, जो मुख्य भूमि को रामेश्वरम द्वीप से जोड़ता है. इस रूट की सबसे बड़ी पहचान है पंबन ब्रिज- एक ऐतिहासिक समुद्री पुल, जो समुद्र के ऊपर बना हुआ है और भारत के सबसे खूबसूरत रेल मार्गों में गिना जाता है. इसका निर्माण साल 1914 में हुआ था और यह भारत का पहला समुद्री रेल पुल माना जाता है. यह पुल समुद्र के ऊपर फैला हुआ है, जहां दोनों ओर लहरें लगातार चलती रहती हैं. जब ट्रेन इस पुल से गुजरती है, तो यात्रियों को ऐसा अनुभव होता है मानो वो समुद्र के बीचों-बीच सफर कर रहे हों. यह दृश्य ना केवल रोमांचक होता है, बल्कि फोटोग्राफी और यात्रा प्रेमियों के लिए भी बेहद खास बन जाता है.
असल में पंबन ब्रिज की पटरियां कभी पूरी तरह पानी में नहीं डूबतीं. यह पुल समुद्र की सतह से ऊंचाई पर बना है. हालांकि, ज्वार-भाटा (टाइड) के दौरान समुद्र का पानी आसपास के निचले इलाकों में फैल जाता है. दूर से देखने पर ऐसा भ्रम पैदा होता है कि पटरियां पानी में समा गई हैं. यही प्राकृतिक भ्रम इस जगह को और भी रहस्यमयी और लोगों के लिए आकर्षक बनाता है.
