2025 में भारतीयों को आईं 4 हजार करोड़ स्कैम कॉल्स, बदल रहा है ठगी का पैटर्न

साइबर ठगी के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें लोगों के बैंक खाते तक खाली हो जाते हैं. क्या आप जानते हैं कि बीते साल भारतीयों 4,000 करोड़ स्पैम कॉल्स रिसीव हुई हैं, जिसकी जानकारी ट्रूकॉलर ने अपनी एक रिपोर्ट में दी है. ट्रूकॉलर ने ‘2025 इंडिया इनसाइट्स रिपोर्ट- इंडियास स्पैम शील्ड’ नाम की रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट में बताया है कि बीते साल 2025 में भारतीयों को 4,000 करोड़ से अधिक स्पैम कॉल्स रिसील हुई हैं.

रिपोर्ट्स में बताया है कि 4,168 करोड़ स्पैम कॉल्स को आईडेंटीफाई किया है और स्पैम कॉल्स का एवरेज टाइम 1.8 मिनट का था. वहीं यूजर्स द्वारा 1189 करोड़ स्पैम कॉल्स को ब्लॉक किया गया है. इसमें 770 करोड़ फ्रॉड कॉल्स थीं. स्पैम मैसेज की संख्या 12,903 करोड़ थी.

फ्रॉड कॉल्स के अंदर वे कॉल्स शामिल हैं, जो अक्सर बैंक, सरकारी डिपार्टमेंट और पेमेंट प्लेटफॉर्म के नाम का मिसयूज करते हैं.
यहां ट्रूकॉलर्स ने अपनी रिपोर्ट्स में बताया है कि कंपनी के ब्लॉकिंग टूल्स ने 1,189 करोड़ कॉल्स को मोबाइल यूजर्स तक पहुंचने से रोका है.

2026 में सामने आएंगे स्कैम के नए पैटर्न

रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में साइबर स्कैमर्स अपने पैटर्न में बदलाव करेंगे. नए तरीके कुछ इस तरह से हो सकते हैं.

पहचान सत्यापन (Identity Verification) से जुड़े स्कैम
परिचित संस्थानों का नाम यूज करके लोगों के बैंक खाते खाली करना.
AI द्वारा तैयार की गई वॉयस मैसेज से साइबर ठगी.
स्कैम का WhatsApp और Telegram जैसे थर्ड-पार्टी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट होना.

आने वाले दिनों में साइबर ठगों से बचाव करने के लिए लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी होगी. आने वाले दिनों में बेहतर AI टूल्स का यूज होगा, जिसकी वजह से फर्जीवाड़ों को पकड़ना भी मुश्किल होगा.

सरकार लगातार स्पैम और स्कैम वाले कॉल्स और मैसेज पर लगाम लगाने का प्रयास कर रही है. टेलीकॉम सेक्टर से लेकर ई-बैंकिंग नियमों को भी सख्त किया गया है. साथ ही इंटरनेशल गिरोह के वार को रोकने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं.

 

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