दिल्ली, हैदराबाद और अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 100 से ज्यादा इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल
देश के 8 एयरपोर्ट पर बुधवार को कहीं तकनीकी वजह तो कहीं क्रू मेंबर्स की कमी से इंडिगो की 100 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुईं। बेंगलुरु में 42, दिल्ली में 3अहमदाबाद में 25, इंदौर में 11, हैदराबाद में 19, सूरत में 8 और कोलकाता में 10 फ्लाइट कैंसिल हुईं। बीते दो दिन में कंपनी की 200 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं। इंडिगो एयरलाइन ने बयान जारी करते हुए कहा कि खराब मौसम, सिस्टम में गड़बड़ी और स्टॉफ से जुड़े नए नियमों के चलते फ्लाइट पर असर पड़ा है। हम असुविधा के लिए माफी मांगते हैं। अगले 48 घंटे में ऑपरेशन पूरी तरह ठीक हो जाएगा। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइन से जवाब मांगा है। दरअसल इंडिगो फ्लाइट में यह दिक्कत पिछले महीने से चल रही है। नवंबर में 1272 फ्लाइट को कैंसिल करना पड़ा। जिसमें से 755 उड़ानों के रद्द होने की वजह क्रू की कमी और स्टॉफ के ड्यूटी शेड्यूल में बदलाव था।
DGCA ने पायलटों के काम से जुड़े नए नियम बनाए हैं। जिसे फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) कहते हैं। इन्हें दो चरणों में लागू किया गया। पहला चरण 1 जुलाई को लागू हुआ। वहीं 1 नवंबर से सेकेंड स्टेज के नियम लागू होने के बाद से एयरलाइंस खासतौर से इंडिगो की फ्लाइट्स पर असर दिखने लगा।
नए नियम क्या हैं
पहले के मुकाबले अब पायलटों को हर हफ्ते 48 घंटे का अनिवार्य आराम देना होगा।
पहले एक पायलट 6 नाइट लैंडिंग कर सकता था। अब यह सीमा घटाकर 2 लैंडिंग कर दी गई।
ये नियम मार्च 2024 से लागू होने वाले थे, लेकिन एयरलाइनों ने कहा कि इतना बड़ा बदलाव एक बार में संभव नहीं है। हजारों नए क्रू की जरूरत पड़ेगी। रोस्टरिंग सॉफ्टवेयर अपडेट करने में समय लगेगा। एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA) ने बुधवार को कहा कि क्रू की दिक्कतों की वजह से इंडिगो में ऑपरेशनल रुकावटें एयरलाइंस की प्रोएक्टिव रिसोर्स प्लानिंग की नाकामी की ओर इशारा करती हैं। ALPA ने यह भी दावा किया कि फ्लाइट्स कैंसिलेशन की घटनाएं DGCA पर दबाव डालने की भी कोशिश हो सकती है।
पायलटों के ग्रुप ने DGCA से यह भी अपील की कि वे एयरलाइन के पास मौजूद पायलटों की संख्या पर विचार करें। ताकि रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम (FRMS) के नए कॉन्सेप्ट को अपनाया जा सके।
