करोड़ों रुपए के फर्नीचर घोटाले की जांच तेज, राजीव गांधी शिक्षा मिशन के दफ्तर पहुंची ACB की टीम

अंबिकापुर। राजीव गांधी शिक्षा मिशन अंबिकापुर में वर्ष 2011-12 में करोड़ों रुपए का फर्नीचर घोटाला हुआ था। इस मामले में विभाग के कुछ अधिकारियों समेत 12 सप्लाई फर्मों की मिलीभगत उजागर हुई थी। मामले की जांच एसीबी की टीम कर रही है। विभाग द्वारा कुछ दस्तावेज एसीबी की टीम को उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इसी बीच बुधवार की दोपहर टीम दस्तावेज लेने कार्यालय पहुंच गई। यहां उनके द्वारा घोटाले से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज व डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

करीब 15 वर्ष पूर्व राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तहत करोड़ों रुपए के फर्नीचर की खरीदी की गई थी। इसे स्कूलों में वितरित किया गया था। फर्नीचर की क्वालिटी और कीमत को लेकर सवाल खड़े हुए थे। जांच में बड़ा घोटाला उजागर हुआ था। वर्ष 2011-12 में हुए इस घोटाले की आंच विभाग के 6-7 अधिकारियों के अलावा फर्नीचर समेत अन्य सामान की सप्लाई करने वाले 12 फर्मों की संलिप्तता भी सामने आई थी।

इस मामले में आईपीसी की धारा 420 व 120 (बी) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) व 13 (2) के तहत अपराध दर्ज किया गया था। मामले में जांच तो हुई, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद नहीं हो सके थे।

करोड़ों रुपए के फर्नीचर घोटाले के आरोपी बच न निकले, इस वजह से मामले की जांच का जिम्मा एसीबी को सौंपा गया था। एसीबी द्वारा विभाग से घोटाले से संबंधित कुछ दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन विभाग की ओर से उसे उपलब्ध नहीं कराया गया था। इसी बीच एसीबी की टीम बुधवार की दोपहर राजीव गांधी शिक्षा मिशन के दफ्तर उक्त दस्तावेजों को लेने पहुंची।

टीम द्वारा फिलहाल दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। टीम को अब तक वहां से क्या मिला है, इसकी जानकारी फिलहाल पता नहीं चल सकी है। बताया जा रहा है कि एसीबी की टीम जिन दस्तावेजों को खंगाल रही है, यदि वह मिल जाते हैं तो तात्कालीन अधिकारियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य इकट्ठे हो जाएंगे। इस आधार पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।