ईरान बोला- अमेरिका बातचीत नहीं, शर्तें थोपना चाहता है, उनकी नीयत पर शक

ईरान ने अमेरिका पर बातचीत के बजाय शर्तें थोपने का आरोप लगाया है। भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि अमेरिका की मंशा शुरू से ही संदिग्ध रही है। अयोध्या में दिए बयान में इलाही ने कहा कि अमेरिका बातचीत नहीं करना चाहता, बल्कि दबाव बनाकर अपनी शर्तें मनवाना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ वहां नाकाबंदी कर रहा है। इलाही ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता और शांति का समर्थन करता है, लेकिन अमेरिका का रवैया इसके विपरीत है। दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच पीस डील को लेकर गुरुवार तक दूसरी बैठक होने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश आमने-सामने बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि बढ़ते तनाव को खत्म किया जा सके। बैठक के लिए इस्लामाबाद और जेनेवा संभावित स्थान हैं, हालांकि तारीख और जगह पर अंतिम फैसला होना बाकी है। इससे पहले इस्लामाबाद में हुई पहली बैठक 11 अप्रैल को बिना किसी समझौते के खत्म हो गई थी।

डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी कि जो भी ईरानी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी के पास आएगा, उसे तुरंत और सख्ती से तबाह कर दिया जाएगा। ईरान ने कहा कि वह भारत के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकालने में मदद करेगा, बातचीत जारी है। पोप लियो ने ट्रम्प से बहस से इनकार करते हुए कहा कि उनका काम राजनीति नहीं, बल्कि दुनिया में शांति फैलाना है।