जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पहले दिन हंगामा, BJP का धरना, विधायकों में भिड़ंत, मार्शल उतरे
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के शरदकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने सदन के बीचोंबीच बैठकर धरना देना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ सदस्य आपस में भिड़ गए और मारपीट जैसी स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख मार्शलों ने दोनों पक्षों को अलग किया। हंगामे के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने ‘स्टेटहुड बहाल करो’ के नारे लगाए। वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपनी सीट पर बैठे सदन में चल रहे हंगामे को देखते रहे।
इस बीच, स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने सदन के बीच खड़े होकर नारेबाजी कर रहे भाजपा और कांग्रेस विधायकों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य अपनी-अपनी सीटों पर लौट जाएं, वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्पीकर की चेतावनी के बाद भी हंगामा नहीं थमा और विधायक नारेबाजी करते रहे।
भाजपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए एनएचएम कर्मचारियों, बिजली उपभोक्ताओं और दैनिक वेतनभोगियों से जुड़े मुद्दे उठाए। भाजपा विधायक हाथों में पोस्टर लेकर सदन में पहुंचे और लंबित मांगों पर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।
भाजपा सदस्यों ने ‘एनएचएम कर्मचारियों के साथ इंसाफ करो’, ‘पावर टैरिफ रोलबैक करो’ और ‘दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करो’ जैसे संदेशों वाले पोस्टर प्रदर्शित किए।
पार्टी ने आरोपों और मांगों के माध्यम से रोजगार, कर्मचारियों के लंबित मामलों, बिजली दरों में वृद्धि और आउटसोर्सिंग जैसे मुद्दों को सत्र के दौरान प्रमुखता से उठाने का संकेत दिया।
बिजली के बढ़े टैरिफ को वापस लेने की मांग के साथ भाजपा विधायकों ने दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण और एनएचएम कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान पर भी सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
विरोध के दौरान स्पीकर ने निर्देश दिया कि प्रदर्शन से संबंधित विषय को विधानसभा की आधिकारिक कार्यवाही में दर्ज न किया जाए और इसकी रिपोर्टिंग भी न हो।
