जिनपिंग 11 साल बाद आज अमेरिका जाएंगे, ट्रम्प एयरपोर्ट पर स्वागत करने जाएंगे
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज अमेरिका रवाना होंगे। उनकी ये यात्रा 11 साल बाद हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प जॉइंट बेस एंड्रयूज एयरपोर्ट पर खुद उनका स्वागत करने जाएंगे। किसी विदेशी नेता के स्वागत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का सीधे एयरपोर्ट जाना आम नहीं है। इससे पहले अगस्त 2025 में ट्रम्प ने अलास्का में रूसी राष्ट्रपति पुतिन का एयरफील्ड पर स्वागत किया था। इसके बाद व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के सम्मान में राजकीय भोज होगा।
इसके बाद ट्रम्प-जिनपिंग के बीच द्वपक्षीय बातचीत होगी। इसमें व्यापार, टैरिफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ताइवान और रूस से जुड़े मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
अमेरिका और चीन के बीच सबसे बड़ा मुद्दा ट्रेड और टैरिफ है। पिछले साल ट्रम्प के टैरिफ के जवाब में चीन ने भी अमेरिका के सामान पर बड़े टैक्स लगाए थे। अब दोनों देश एक-दूसरे के सामान पर लगे टैक्स को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
करीब 30-30 अरब डॉलर के सामान पर टैरिफ घटाने और ऊर्जा व कृषि उत्पादों पर टैक्स कम करने को लेकर बातचीत चल रही है।
दोनों देशों के बीच टैरिफ कम रखने की मौजूदा सहमति 10 नवंबर को खत्म हो रही है। ऐसे में दोनों देश इस सहमति को आगे बढ़ाने के साथ ही टैरिफ में और कटौती के रास्ते तलाश रहे हैं।
AI अब अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी मुकाबले का बड़ा मुद्दा बन गया है। दोनों देशों के बीच विवाद इस बात को लेकर है कि AI की सबसे ताकतवर तकनीक और मॉडल किसके पास रहेंगे और उनका इस्तेमाल कितना सुरक्षित होगा।
अमेरिका को चिंता है कि उसकी AI तकनीक और मॉडल चीन तक पहुंच सकते हैं। इसलिए अमेरिका ने चीन को AI चिप और दूसरी जरूरी तकनीक देने पर कई तरह की पाबंदियां लगाई हैं। अमेरिका चीन की AI कंपनियों को लेकर भी सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं जताता रहा है।
वहीं, चीन इन पाबंदियों का विरोध करता है। उसका कहना है कि अमेरिका तकनीक के इस्तेमाल और व्यापार में रुकावट डाल रहा है।
न्यूयॉर्क में हुई बातचीत में दोनों देशों ने AI पर अलग से बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई है। अमेरिका ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि दोनों देश AI से जुड़े ऐसे सुरक्षा मामलों की जानकारी एक-दूसरे को दें, जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
