लखनऊ : ‘ऑपरेशन इथेनॉल शील्ड’ में एक गिरोह का भंडाफोड़, पेट्रोल, डीजल, 75₹ प्रति लीटर में अवैध धंधा
लखनऊ की क्राइम ब्रांच ने ‘ऑपरेशन इथेनॉल शील्ड’ में एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो पेट्रोल और डीजल की चोरी के साथ-साथ उसमें मिलावट का धंधा कर रहा था. पुलिस ने इस मामले में मलिहाबाद से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मौके से अवैध तेल भी बरामद किया है.
क्राइम ब्रांच को खुफिया जानकारी मिली थी कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के अमौसी स्थित टर्मिनल से निकलने वाले तेल के टैंकरों को रास्ते में रोककर उनसे बड़े पैमाने पर तेल चोरी किया जा रहा है. इसी सूचना पर क्राइम ब्रांच और आबकारी (Excise) विभाग की टीम ने मलिहाबाद इलाके में अनिल कुमार के घर/गोदाम पर एक साथ छापा मारा. छापेमारी के दौरान जो नजारा सामने आया, वह पुलिस के भी होश उड़ाने वाला था. वहां एक एचपीसीएल का टैंकर (UP32X N3609) खड़ा था और एक अंधेरे कमरे में दर्जनों नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम और कैन रखे हुए थे, जिनमें अवैध तरीके से निकाला गया तेल और सॉल्वेंट भरा हुआ था.
यह गिरोह टैंकर चालकों से साठगांठ करके टर्मिनल से निकले टैंकरों को अनिल के घर लाता था. यहां एक ‘मास्टर चाबी’ (Master Key) की मदद से टैंकर के चेंबर खोले जाते थे और प्लास्टिक के पाइप व कीप लगाकर तेल निकाल लिया जाता था. इसके बाद असली पेट्रोल में ‘सॉल्वेंट’ (Solvent) नामक केमिकल मिलाया जाता था, ताकि तेल की मात्रा बढ़ाई जा सके. इसके बाद इस मिलावटी और खतरनाक पेट्रोल को चोरी-छिपे 75 रुपये प्रति लीटर की दर से बाजार में खपाया जा रहा था. जब पुलिस ने छापा मारा, तब भी टैंकर के चेंबर से करीब 250 लीटर पेट्रोल निकाला जा चुका था, जिससे यह साबित हुआ कि चोरी की प्रक्रिया रंगे हाथों पकड़ी गई है
पुलिस की कार्रवाई के दौरान गोदाम से भारी मात्रा में माल बरामद हुआ है, जिसमें शामिल हैं-
7750 लीटर अवैध पेट्रोल
4000 लीटर डीजल
23 प्लास्टिक कैन में लगभग 1150 लीटर मिलावटी पेट्रोल
64 प्लास्टिक कैन में भारी मात्रा में सॉल्वेंट
चोरी में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पाइप, कीप और एक मास्टर चाबी
क्राइम ब्रांच ने इस मिलावटखोर और तेल माफिया गिरोह के चार मुख्य सदस्यों को मौके से धर दबोचा है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मलिहाबाद निवासी अनिल कुमार (जिसके घर पर खेल हो रहा था), काकोरी निवासी अभिषेक राजपूत, उन्नाव निवासी धीरज सिंह और हरदोई के रहने वाले राम तीरथ के रूप में हुई है. पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस सिंडिकेट में और कितने टैंकर चालक और पेट्रोल पंप मालिक शामिल हैं.
