रोज नाश्ते में पीता है 110 कच्चे अंडे, बिना फेंटे गटक जाता है शख्स, नहीं पड़ा बीमार

सोशल मीडिया की दुनिया में रोज नई-नई वायरल स्टोरीज़ आती रहती हैं, लेकिन कभी-कभी ऐसी आती हैं जो इंसान की हदें पार कर जाती हैं. ताजा मामला उज़्बेकिस्तान का है, जहां एक शख्स ने दावा किया है कि वो पिछले कई सालों से हर सुबह नाश्ते में 110 कच्चे अंडे पी जाता है. अंडों को वो ना फेंटता है, ना पकाता है. बस ऐसे ही गटक जाता है! लगता है जैसे वो कोई सुपरहीरो हो, लेकिन सवाल ये है – क्या ये इंसान है या जानवर? और क्या ये सचमुच हेल्थ बेनिफिट देता है, या फिर जानलेवा रिस्क है? वीडियो जैसे ही शेयर किया गया, ये वायरल हो गया. कई लोग शख्स को इंसान नहीं, जानवर कहते नजर आए.

ह मिडिल ईस्ट और ईस्टर्न यूरोप की बड़ी न्यूज़ आउटलेट है. इसमें उज़्बेकिस्तान का ये अनजान शख्स दिखाई दिया, जो कैमरे के सामने बड़े ही बेफिक्र अंदाज़ में अंडों का कटोरा उठाता है. उसने कहा कि ये उसका रोज का नाश्ता है. उसके कटोरे में 110 कच्चे अंडे थे. शख्स का दावा है कि इससे मसल्स बनते हैं, सहनशक्ति बढ़ती है और पूरे दिन एनर्जी बनी रहती है.

शख्स ने इसके साथ ही एक और चौंकाने वाला दावा किया. शख्स के मुताबिक, वो पिछले कई सालों से एक दिन भी दिन बीमार नहीं पड़ा है. अंडे पीने से उसे ऐसा महसूस होता है जैसे वो 20 साल का है. वीडियो को अभी तक लाखों व्यूज मिल चुके हैं. अगर साइंस की नजर से देखें तो कच्चे अंडे में विटामिन B12, D, कोलेस्ट्रॉल और फैट्सोल्यूबल न्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो मसल ग्रोथ और एनर्जी के लिए अच्छे हैं. एक स्टडी कहती है कि कच्चे अंडे द्वारा पकाए हुए से 50% कम प्रोटीन अब्ज़ॉर्ब होते हैं, क्योंकि ओवोम्यूकॉइड प्रोटीन डाइजेशन रोकता है. लेकिन फायदे के साथ रिस्क भी है. कच्चे अंडे में सलमोनेला बैक्टीरिया होता है. CDC के मुताबिक, हर 20,000 अंडों में एक सलमोनेला से इन्फेक्टेड होता है. 110 रोज मतलब साल में 40,000 अंडे यानी हाई रिस्क. इससे उल्टी, डायरिया और फूड पॉइजनिंग हो सकती है.