गर्ल्स हॉस्टल में वॉशरूम के सामने मोबाइल कैमरा मिलने से भड़की छात्राएं, लेडी वार्डन पर FIR दर्ज

गोरखपुर में एक गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं के वॉशरूम के पास टिनशेड पर मोबाइल कैमरा मिलने से हड़कंप मच गया। छात्राओं ने हंगामा शुरू कर दिया और तत्काल इसकी पुलिस के साथ अपने परिजनों को दी। रात 12 बजे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रही छात्राओं को शांत कराया और मामले की जांच पड़ताल शुरू की।

छात्रावास चलाने वाली महिला वार्डन से भी पूछताछ की गई तो पता चला मोबाइल उनका ही है। वार्डन का कहना था कि कुछ छात्राएं सेनेट्री पैड इस्‍तेमाल करने के बाद इधर-उधर फेंक देती है। इसकी पड़ताल करने के लिए मैंने यह मोबाइल कैमरा यहां लगाया था। उनका कोई गलत इरादा नहीं था। हॉस्टल में रह रही छात्राओं की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। इसलिए जगह-जगह सीसी कैमरे भी लगाए गए हैं। जिस मकान को वार्डन किराए पर लेकर हॉस्टल चलाती हैं, उसके मालिक से भी पुलिस ने पूछताछ की है।

घटना कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल की है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली छात्राएं रहती हैं। हॉस्टल में कुल 20 कमरे हैं, जिनमें 26 छात्राएं रहती हैं। मंगलवार की रात 10:30 बजे एक छात्रा वॉशरूम गई। उसकी नजर सामने टीनशेड में पर रखे मोबाइल फोन पर पड़ी जो कैमरा ऑन मोड में था। उसने तत्काल वीडियो और फोटो बनाया और अपनी साथी छात्राओं को दिखाया।

जैसे ही छात्राओं को इसकी जानकारी हुई हंगामा शुरू हो गया। वार्डन आरती सिंह से इसकी शिकायत और पूछताछ करने के साथ ही 112 पर सूचना दी गई। इसी बीच कुछ छात्राओं ने अपने परिजनों को भी यह बात बता दी। रात में कैंट पुलिस पहुंची। इसी बीच कुछ छात्राओं के परिजन भी वहां पहुंच गए। छात्राएं वार्डन को घेर कर हंगामा कर रही थीं। इस मामले में मकान मालिक ने कहा कि आरती सिंह पिछले कई सालों से यहां हॉस्टल चला रही हैं, लेकिन आज तक कोई शिकायत नहीं मिली।

पुलिस का कहना है कि जिस मोबाइल को लगाया गया था, वह सैमसंग एंड्रॉयड ट्रिपल कैमरा वाला मोबाइल है। इसमें कई वीडियो रिकॉर्ड हो चुके थे। पुलिस ने सभी वीडियो डिलीट करा दिए हैं। बावजूद इसके कुछ वीडियो वायरल भी हो गए। पुलिस ने छात्राओं की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है। छात्राओं का बयान लेने के साथ ही सीसी कैमरा फुटेज खंगाले जा रहे हैं। वार्डन और मकान मालिक से भी पूछताछ जारी है।

घटना के बाद छात्राएं बेहद सहमी हुई हैं, उनमें आक्रोश है। वे वार्डन की कोई बात मानने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि हमें बगैर बताएं यहां कैमरा लगाने का क्या औचित्य? जबकि यहां ऑलरेडी कई सीसी कैमरा लगे हुए हैं। कहीं ना कहीं यह साजिश है, इसकी निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। परिजनों ने भी इस बारे में पुलिस से कहा है कि इस पूरे प्रकरण की जांच करा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि छात्राओं द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर महिला वार्डन के खिलाफ निजता भंग करने का मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। सभी पहलुओं पर जांच जारी है, आखिर किस मंशा से यह मोबाइल कैमरा यहां लगाया गया था। वार्डन से पूछताछ की जा रही है।