MP : शिवपुरी में सरकारी जमीन पर बन रहा अवैध चर्च प्रशासन ने ढहाया, 3 शिक्षकों पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप
मध्य प्रदेश : शिवपुरी जिले में वन भूमि पर चर्च निर्माण और आदिवासियों के कथित धर्मांतरण का मामला सामने आया है। आरोप है कि शिक्षक और पटवारी पिछले 6 वर्षों से प्रलोभन देकर आदिवासी और भील परिवारों का धर्म परिवर्तन करा रहे थे। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की सक्रियता के बाद रविवार को प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए वन भूमि पर निर्माणाधीन अवैध चर्च को ध्वस्त कर दिया। भवन में ईसाई धर्म से जुड़ी बाइबिल और अन्य धार्मिक पुस्तकें भी मिली हैं। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति हो गए। पूरा मामला शिवपुरी के बदरवास क्षेत्र के ग्राम अगरा से सामने आया है। यहां लंबे समय से चल रहे धर्मांतरण को लेकर रविवार को भारी हंगामा हुआ। हिंदू संगठनों को सूचना मिली थी कि जंगल की जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए एक ढांचे में बड़ी प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही है, जहां ग्रामीणों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस मामले का सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शिक्षा विभाग के तीन शिक्षकों की संलिप्तता सामने आई है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गांव में चल रही एक धार्मिक सभा पर आपत्ति जताते हुए कार्यक्रम को रुकवाया और विरोध दर्ज कराया। हिंदू संगठनों का आरोप है कि ये सरकारी कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग कर भोले-भाले आदिवासियों को डरा-धमकाकर या लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने पर मजबूर कर रहे थे। मौके पर तलाशी के दौरान भारी मात्रा में ईसाई ग्रंथ और प्रचार सामग्री बरामद की गई है। जांच में यह बात सामने आई है कि पिछले 6 सालों में लगभग 400 आदिवासियों और 45 भील परिवारों का धर्मांतरण कराया जा चुका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जो लोग धर्म परिवर्तन का विरोध करते थे, उनके साथ मारपीट भी की जाती थी। हालांकि, आरोपी शिक्षिकाओं का कहना है कि वे केवल ‘ईशू की महिमा’ का प्रचार कर रही थीं और कोई जबरन धर्मांतरण नहीं कराया गया।
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची। वन विभाग की भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए प्रार्थना केंद्र (चर्च) को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। कलेक्टर और एसपी के निर्देश पर अब उन सरकारी कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है जो इस गतिविधि में शामिल थे। मामले में पुलिस और प्रशासन जांच चल रही है।
