नेशनल-हेराल्ड…भूपेश बोले-भाजपा के लोग गोडसे की पूजा करने वाले, दुर्ग में कांग्रेसियों ने तोड़ी बैरिकेडिंग

छत्तीसगढ़ : नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस ने बिलासपुर, दुर्ग और रायगढ़ में प्रदर्शन किया। दुर्ग में भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा के लोग असत्य और हिंसा की राह में चलने वाले हैं। वे महात्मा गांधी की विचारधारा से कभी सहमत नहीं होते। दुर्ग में आयोजित प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा असत्य और हिंसा की राजनीति पर चलने वाली पार्टी है और महात्मा गांधी की विचारधारा से उसका कोई लेना-देना नहीं है। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग नाथूराम गोडसे की पूजा करने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीते 12 वर्षों से केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेताओं को बदनाम करने की कोशिश की गई, लेकिन अंततः सत्य की जीत होगी।

कांग्रेस कार्यकर्ता दुर्ग में कांग्रेस कार्यालय से भाजपा कार्यालय की ओर मार्च करते हुए निकले थे। पुलिस ने उन्हें पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन शनिचरी बाजार के पास पहली लेयर की बैरिकेडिंग टूट गई। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया गया और भाजपा कार्यालय से पहले ही कांग्रेसियों को रोक लिया गया।

इसी तरह बिलासपुर में भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय घेरने का प्रयास किया। यहां पुलिस ने सख्त बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नेशनल हेराल्ड मामले में जांच एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी होती रही।

रायगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय से निकलकर भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े, लेकिन उन्हें एसपी कार्यालय के पास रोक दिया गया। यहां भी पुलिस और कांग्रेसियों के बीच झूमाझटकी की स्थिति बनी। इसके बाद कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक पार्टी की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता की है।

नेशनल हेराल्ड मामला लंबे समय से राजनीतिक विवाद का केंद्र रहा है। कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि मामला कानून के दायरे में है और जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं।

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