नक्सली लीडर रामधेर ने 11 साथियों के साथ किया सरेंडर, मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में सक्रिय थे

उत्तर बस्तर डिवीजन में सक्रिय सीपीआई (माओवादी) लीडर और सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) रामधेर मज्जी ने सोमवार को खैरागढ़ के कुम्ही गांव, बकरकट्टा थाने में 11 साथियों के साथ सरेंडर किया। नक्सलियों ने पुलिस के सामने हथियार डाले। उत्तर बस्तर डिवीजन में सक्रिय रहे रामधेर मज्जी ने खैरागढ़ के कुम्ही गांव, बकरकट्टा थाने में पुलिस के सामने हथियार डाले। उसके साथ डिविजनल कमेटी मेंबर (DVCM) रैंक के चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी और प्रेम भी थे। इनमें से दो नक्सलियों के पास AK-47 और इंसास राइफल थीं। इसके अलावा, एरिया कमेटी मेंबर (ACM) स्तर के रामसिंह दादा और सुकेश पोट्टम ने भी हथियार सौंपे। पार्टी मेंबर (PM) स्तर के लक्ष्मी, शीला, योगिता, कविता और सागर ने भी आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल थे। इन सभी 12 नक्सलियों से पुलिस पूछताछ कर रही है ताकि उनके नेटवर्क और गतिविधियों के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके।

वहीं, हिडमा के बाद बस्तर इलाके में रामधेर का दबदबा था। इसके ऊपर करीब एक करोड़ रुपए का इनाम है। साथ ही अपने साथ एके-47 लेकर चलता था। यह एमएमसी जोन का कमांडर था। यह कई बड़ी वारदातों का मास्टरमाइंड रहा है। बताया जाता है कि एमएमसी जोन का रामधेर सबसे बड़ा लीडर था। रामधेर की सुरक्षा तीन लेयर की होती थी। एक दिन पहले ही नक्सलियों के बड़े नेता कबीर ने अपने साथियों के साथ मध्य प्रदेश में हथियार डाले थे। सीएम मोहन यादव इसके लिए खुद बालाघाट पहुंचे थे। कबीर ने अपने साथियों के साथ एके-47, इंसास और एसएलआर जैसे खतरनाक हथियार भी डाले थे। हिडमा के एनकाउंटर के बाद नक्सलियों में खौफ है। नक्सलियों ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीएम को पत्र लिखकर 15 फरवरी तक का वक्त मांगा था। साथ ही सरेंडर करने की इच्छा जाहिर की थी। अब तीनों राज्यों में बड़े-बड़े नक्सली सरेंडर करने लगे हैं।

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