छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर 2 नक्सली मारे गए, शव और AK 47 समेत गोला-बारूद बरामद
छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर के पास बीजापुर जिले में जवानों और नक्सलियों के बीच सुबह 7 बजे से रुक-रुककर फायरिंग हो रही है। मुठभेड़ में 2 नक्सली मारे गए हैं। सुरक्षाबलों ने 2 शव और हथियार बरामद किया है। मामला पामेड थाना क्षेत्र का है। बीजापुर, सुकमा और तेलंगाना के सीमावर्ती इलाकों में नक्सली सक्रिय हैं। पामेड़ थाना क्षेत्र में नक्सलियों की सक्रियता सबसे ज्यादा देखी जा रही है।
बीजापुर जिले के लंकापल्ली गांव के पास जंगल में नक्सलियों ने 2 IED प्लांट किए थे। सर्चिंग पर निकली जवानों की टीम ने इन IEDs को डिफ्यूज कर दिया है। डीआरजी बीजापुर, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 9वीं वाहिनी और बीडीएस की संयुक्त टीम ने दो आईईडी बरामद किए हैं। ये आईईडी सड़क किनारे लगाए गए थे। कुछ दिन पहले इसी इलाके में एक आईईडी ब्लास्ट हुआ था, जिसमें राजू मोडियम नामक एक ग्रामीण घायल हो गया था। फिलहाल उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, 29 जनवरी को संयुक्त सुरक्षा बल ईलमिड़ी-लंकापल्ली इलाके में सर्चिंग कर रहे थे। इस दौरान, लंकापल्ली की कच्ची सड़क पर डिमाइनिंग करते हुए उन्हें दो आईईडी मिले। जानकारी के अनुसार, इन आईईडी का वजन 20 से 30 किलोग्राम के आसपास था।
नक्सलियों ने आईईडी को कमांड स्विच सिस्टम से सड़क के बीचों-बीच लगाया था। उनका मकसद बड़ी गाड़ियों को निशाना बनाना था। जैसे ही सूचना मिली, बीडीएस टीम बीजापुर पहुंची। टीम ने सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए आईईडी को निष्क्रिय किया और सभी आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया।
इसके पहले, 25 जनवरी को बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी में गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले 6 आईईडी ब्लास्ट हुए थे। इन विस्फोटों में DRG के 11 जवान घायल हो गए थे।
