NEET रीएग्जाम-संसदीय समिति ने चीन-अमेरिका से सीखने की नसीहत दी, चीन बोला- हमने बिना गड़बड़ी के 1.3 करोड़ छात्रों की परीक्षा कराई

NEET UG पेपर लीक मामले के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बुधवार को संसदीय समिति से मुलाकात की। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बैठक में NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह और नेशनल मेडिकल काउंसिल अध्यक्ष अभिजात शेठ शामिल हुए। समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि हमें अमेरिका और चीन जैसे देशों से सीखना चाहिए। वहां बिना किसी शिकायत के परीक्षाएं होती हैं। विदेशों में अपनाए जाने वाले अच्छे तरीकों से सीखें और ऐसे सिस्टम अपनाएं ताकि देश में परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और पुख्ता हो। इधर, भारत में चीन की प्रवक्ता यू जिंग ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने गाओकाओ को दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा बताया। साथ ही लिखा- यह भारत के JEE-NEET का संयुक्त रूप है। 2 दिन में 1.3 करोड़ छात्रों ने हिस्सा लिया। इनके लिए कारखानों ने काम रोका। सड़कें सूनी रहीं। पूरा देश छात्रों के लिए एकजुट हो गया।

भारत में NEET में आमतौर पर 20 लाख से ज्यादा और JEE में करीब 15 लाख उम्मीदवार बैठते हैं। 2026 में हुआ 3 मई को हुआ अंडरग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन एग्जाम पेपर लीक के आरोपों के कारण 12 मई को रद्द कर दिया गया था। 21 जून को इसे दोबारा करवाया जा रहा है।

NEET-UG पेपर विवाद के बाद यह तीसरी संसदीय समिति थी, जिसके सामने दोनों मंत्रालयों, NTA और NMC के अधिकारी पेश हुए थे। इससे पहले वे शिक्षा और सरकारी आश्वासनों से जुड़ी संसदीय समितियों के सामने पेश हो चुके थे। इन समितियों को बताया गया था कि अभी उनका पूरा ध्यान 21 जून को होने वाली NEET की दोबारा परीक्षा पेन-पेपर फॉर्मेट में कराने पर है। इधर, संसदीय समिति ने हालिया विवाद के बाद एनटीए का मनोबल बढ़ाने की बात भी कही। उन्होंने छात्रों का तनाव कम करने और एनटीए-एनएमसी के बीच तालमेल पर जोर दिया ताकि सीटें खाली न रहें।

सदस्यों ने छात्रों के बीच आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से उन छात्रों के परिवारों की मदद करने को भी कहा जिन्होंने आत्महत्या की थी।

भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG फिलहाल साल में एक बार एक ही सेशन में होती है। संसदीमय समिति के सदस्यों ने साल में 2-3 बार NEET-UG करवाने का सुझाव भी दिया ताकि छात्रों को परीक्षा पास करने के कई मौके मिलें। वे ऐसी वजहों से परेशान न हों जो उनके नियंत्रण से बाहर हों। साल में कई बार NEET आयोजित करने की मांग भी बार-बार उठाई जाती रही है। जुलाई 2018 में, तत्कालीन केंद्रीय HRD मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने घोषणा की थी कि NTA साल में दो बार JEE Main और NEET-UG आयोजित करेगा। हालांकि, इसे कभी लागू नहीं किया गया।

हालांकि, 2023 में नेशनल मेडिकल कमीशन ने कहा था कि साल में दो बार NEET-UG करना व्यावहारिक नहीं होगा, क्योंकि सभी MBBS सीटें एक ही काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए भरी जाती हैं।

NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 सेंटर्स में हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने NEET री-एग्जाम की तारीख 21 मई को होने का ऐलान किया। इस मामले की जांच CBI कर रही है। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। भी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं।