साधु बने पप्पू यादव, संसद से सड़क तक मचा बवाल! FIR दर्ज

शुक्रवार को पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को गेरुए वस्त्र में संसद में प्रदर्शन करना भारी पड़ गया. इस मामले में दिल्ली के जहांगिरपुरी थाने में सांसद पप्पू यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. शिकायतकर्ता ने पप्पू यादव पर उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि दान पात्र में जूते पहनकर पैसे डालने और उसे छीनने का प्रतीकात्मक मंचन किया गया, जो बहुत गलत है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि पप्पू यादव के इस प्रदर्शन से संत समाज और सनातन समाज का अपमान किया गया.

इस शिकायत में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, डिंपल यादव समेत अन्य लोगों का नाम भी शामिल है. शिकायतकर्ता ने इन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाईकी मांग की है. DCP का कहना है कि मामले में शिकायत शुक्रवार रात थाने में दी गई.

वहीं लखनऊ में भी पप्पू यादव का विरोध हो रहा है. लखनऊ में विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने पप्पू यादव के पुतले फूंके. उनका कहना है कि भगवा ड्रेस पहनकर पप्पू यादव ने सनातम समाज का अपमान किया है.

मालूम हो, शुक्रवार को पप्पू यादव ने संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी की भूमिका में नजर आए. उनके सामने प्रतीकात्मक रूप से चंदा लेने की व्यवस्था की गई थी. इसमें समाजवादी पार्टी की मुरादाबाद से सांसद रुचि वीरा भी शामिल रहीं, जबकि अन्य विपक्षी सांसद पीछे खड़े होकर देख रहे थे. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी वहां पहुंचे और चंदा दिया. इसके बाद पप्पू यादव चंदा लेकर वहां से भागने लगे. तभी अन्य विपक्षी सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया और इसी दौरान ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए गए. पूरे घटनाक्रम को विपक्ष ने एक सांकेतिक राजनीतिक संदेश के रूप में प्रस्तुत किया.

संसद परिसर में कुछ मिनट तक चले इस प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार और अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर सवाल उठाते हुए अपने विरोध को नाटकीय अंदाज में सामने रखा.

पप्पू यादव के इस प्रदर्शन पर लोकसभा स्पीकर काफी सख्त नजर आए. मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर पप्पू यादव के किए गए इस विरोध को सचिवालय ने एक तरह का स्वांग यानी एक तरह का नाटकीय प्रदर्शन माना. उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र के इस सबसे बड़े मंदिर में ऐसे आचरण की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जा सकती.

लोकसभा सचिवालय के इस पर ऐतराज की सबसे बड़ी कारण वह जगह है, जहां यह प्रदर्शन हुआ. पप्पू यादव ने संसद भवन के मकर द्वार पर बैठकर अपना विरोध जताया था.