‘अब 22 भाषाओं में होगा संसद की कार्यवाही का प्रसारण’, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का बयान

भारतीय संसद को लोकतंत्र का मंदिर कहा जाता है, जहां देश के अलग-अलग कोनों से चुने जाने वाले जनता के प्रतिनिधि एक-साथ उपस्थित रहते हैं। विविधताओं के इस देश में ज्यादातर सांसद अलग संस्कृति, भाषा और जगह से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में कई बार सदन की कार्रवाई के दौरान उन्हें समझने में परेशानी आती है। मगर, अब सांसदों की इस समस्या का समाधान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने ढूंढ निकाला है। संसद में ट्रांसलेशन समेत भाषा से संबंधित सभी परेशानियां दूर होने वाली हैं। संसद में 22 भाषाओं में अनुवाद की सुविधा उपलब्ध करवाने के बाद अब केंद्र सरकार ने 22 भाषाओं में परिपत्र सौंपने का भी निर्णय लिया है।

इस नए बदलाव के बाद सभी सांसद न सिर्फ अपनी भाषा में सवाल पूछ सकेंगे, बल्कि विधेयक समेत संसदीय समिति की रिपोर्ट भी अपनी भाषा में हासिल कर सकेंगे। इससे सांसदों को ट्रांसलेशन के बाद होने वाली दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने भी सोमवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा था कि संसद के सभी परिपत्रों को AI की मदद से 22 भाषाओं में उपलब्ध करवाया जाएगा। ये पहली बार होगा जब दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की कार्रवाई और औपचारिक दस्तावेज 22 भाषाओं में तैयार किए जाएंगे। संसद में कई बार अहम बिलों को आखिरी मौके पर पेश किया जाता है। इसपर बात करते हुए ओम बिरला ने कहा, “हम बिल को थोड़ा जल्दी पेश करने की कोशिश करेंगे, जिससे सांसदों को बिल पढ़ने और बहस के लिए तैयार होने का समय मिल सके।” पहली बार संसद की कार्रवाई को 22 भाषाओं में प्रस्तुत किया जा रहा है। भारत विविधताओं का देश है। भारतीय संसद ऐसा करने वाली दुनिया की एकमात्र संसद है। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही परिपत्र भी 22 भाषाओं में उपलब्ध होंगे। संसद में ये बदलाव 2026 के आखिर या 2027 की शुरुआत में लागू होने की उम्मीद है। वर्तमान में 22 औपचारिक भाषाओं में से सिर्फ 10 भाषाओं में परिपत्र उपलब्ध कराए जाते हैं। बजट भी इन्हीं में से एक है, जो 10 भाषाओं में मौजूद रहता है।

भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाओं को अनुसूचित भाषा माना गया है। इस लिस्ट में असमिया, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगु, उर्दू, बोडो, संथाली, मैथली और डोगरी भाषा का नाम शामिल है।