नो एंट्री में घुसना पड़ा भारी,टापू में फंसे 5 लोग, देहरादून में SDRF ने टॉर्च की रोशनी में किया रेस्क्यू
देहरादून के विकासनगर में रविवार शाम 5 लोगों ने सेल्फी के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल दी। दरअसल विकासनगर के कटापत्थर क्षेत्र में नो एंट्री के बावजूद ये पांचों लोग यमुना नदी के बीच बने टापू तक पहुंच गए थे। दो परिवारों के पांच सदस्य करीब एक घंटे तक यमुना नदी के तेज बहाव में फंसे रहे, जिन्हें कोतवाली विकासनगर की पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने समय रहते सकुशल रेस्क्यू किया गया। घटना रविवार शाम पांच बजे की है जब सभी लोग यमुना नदी के किनारे घूम रहे थे और फोटोग्राफी के दौरान नदी के बीच में स्थित टापू तक चले गए। उस समय नदी में पानी का स्तर काफी कम था, जिससे किसी खतरे का आभास नहीं हो सका।
इसी दौरान व्यासी परियोजना से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और देखते ही देखते नदी उफान पर आ गई। अचानक आए तेज बहाव में पांचों लोग टापू पर फंस गए और बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। स्थिति की जानकारी मिलते ही डाकपत्थर चौकी इंचार्ज संदीप पंवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही एसडीआरएफ की टीम को भी सूचना दी गई। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया और कटापत्थर के समीप यमुना नदी में स्थित टापू पर फंसे सभी पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू किए गए सदस्यों ने अपने नाम साक्षी, मानसी, अदिति, देवांश और नीलम बताए। सभी विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के निवासी हैं और घूमने के उद्देश्य से कटापत्थर पहुंचे थे।
कोतवाल ने बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी को कोई चोट नहीं आई है। रेस्क्यू के बाद सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। पांचों के सकुशल बाहर निकलने से उनके स्वजनों ने राहत की सांस ली।
पुलिस ने पर्यटकों से अपील की है कि नदी किनारे घूमते समय सतर्क रहें और जलस्तर में अचानक होने वाले बदलावों को गंभीरता से लें।
