दुनिया की वो जगह, जहां दिन में पड़ती है भीषण गर्मी, रात होते ही निकाल लेते हैं रजाई!

दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं जहां प्रकृति अपने सबसे अनोखे और चरम रूप में नजर आती है. ऐसी ही एक जगह है अफ्रीका के नामीबिया में स्थित नामीब रेगिस्तान. दुनिया का सबसे पुराना रेगिस्तान, जो करीब 55-80 मिलियन साल से सूखा पड़ा है.

यहां दिन और रात का तापमान इतना अलग-अलग होता है कि लोग हैरान रह जाते हैं. दिन में भीषण गर्मी पड़ती है, जहां सैंड का तापमान 60 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाता है, लोग पसीने से तर-ब-तर होकर थक जाते हैं. लेकिन जैसे ही रात होती है, तापमान तेजी से गिरकर शून्य से नीचे चला जाता है और लोग रजाई या मोटे कंबल निकालकर ठंड से बचते हैं.

नामीब रेगिस्तान का खास फीचर है इसका अटलांटिक महासागर से मिलना. पश्चिम में ठंडी बेंगुएला करंट बहती है, जो कोहरे और कम बादलों का कारण बनती है. कोस्टल एरिया में दिन का तापमान 9-20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, लेकिन इनलैंड में गर्मी 45 डिग्री से ज्यादा और कभी-कभी 50 डिग्री तक पहुंच जाती है. रात में इनलैंड में तापमान फ्रीजिंग पॉइंट से नीचे गिर जाता है, यहां तक कि बर्फ भी पड़ सकती है. WWF और अन्य रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ इलाकों में सालाना बारिश सिर्फ 2 मिलीमीटर होती है, जो इसे दुनिया के सबसे सूखे इलाकों में से एक बनाता है.

इस रेगिस्तान का सबसे खतरनाक और खूबसूरत हिस्सा है ‘स्केलेटन कोस्ट’– जिसे पुर्तगाली नाविकों ने ‘द गेट्स ऑफ हेल’ या ‘नर्क का द्वार’ कहा था. यहां हजारों जहाज तबाह हो चुके हैं, क्योंकि तेज हवाएं, कोहरा और रेत के टीले जहाजों को फंसा लेते हैं. समुद्र तट पर बिखरे जहाजों के मलबे और व्हेल की हड्डियां ‘स्केलेटन’ नाम का कारण बने. दिन में यहां गर्मी इतनी तेज होती है कि लोग पानी की कमी से जूझते हैं, लेकिन रात में ठंड इतनी कि कंबल या रजाई के बिना सोना मुश्किल होता है.

नामीब में जीवन भी अनोखा है. यहां वेलविचिया पौधा 2000 साल तक जीवित रह सकता है, फॉग से पानी इकट्ठा करता है. ओरिक्स, जैकल जैसे जानवर दिन में छिपते हैं और रात में एक्टिव होते हैं.

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