बिहार : सिवान में छात्रों पर AK-47 से फायरिंग करने वाला पुलिसकर्मी सस्पेंड

बिहार बंद के दौरान 25 जुलाई को सिवान में हुए बवाल और एके-47 से फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा के निर्देश पर फायरिंग करने वाले सिपाही अभिषेक कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। वहीं, कुछ पुलिस जवानों में इस निर्णय को लेकर नाराजगी की भी चर्चा है। एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर सिपाही अभिषेक कुमार पटेल को निलंबित किया गया है। मामले की विभागीय जांच भी कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि बिहार बंद के दौरान सिवान में प्रदर्शन के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इसी दौरान एके-47 से फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया था।

घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने रिपोर्ट तलब की थी। इसके बाद प्रारंभिक जांच के आधार पर संबंधित सिपाही के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

बता दें बिहार बंद के दौरान शनिवार को शहर में विधि-व्यवस्था बिगड़ने के दौरान पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। नगर थाना और मुफस्सिल थाना में दर्ज प्राथमिकी में पुलिस पदाधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम का उल्लेख किया है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने जेपी चौक और आसपास के इलाकों में जमकर उपद्रव किया। पथराव और तोड़फोड़ के बीच पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया, जिसमें कई जवान घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन भीड़ के नहीं मानने पर हवाई फायरिंग करनी पड़ी। नगर थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक प्रशांत कुमार की ओर से दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनकी तैनाती जेपी चौक पर की गई थी।

इसी दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी चौक पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जा रही थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए और लगातार पत्थरबाजी व तोड़फोड़ करते रहे। पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए भीड़ को तितर-बितर करने का निर्णय लिया गया।

इसके बाद प्रतिनियुक्त सिपाही अभिषेक कुमार ने नियंत्रित तरीके से हवा में चार चक्र गोली चलाई। पुलिस के अनुसार, फायरिंग के बाद धीरे-धीरे भीड़ पीछे हटने लगी और स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।

वहीं मुफस्सिल थाना में पदस्थापित एएसआई निलेश कुमार सिंह ने अपनी प्राथमिकी में बताया कि वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर वे पुलिस बल के साथ जेपी चौक पहुंचे थे। प्राथमिकी के अनुसार, जेपी चौक पहुंचने पर अस्पताल मोड़ की ओर से करीब पांच सौ की संख्या में उपद्रवकारी ईंट-पत्थर चलाते हुए और फायरिंग करते हुए थाना गली की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस को आशंका थी कि भीड़ थाना और आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा सकती है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब वे अन्य पुलिस पदाधिकारियों और जवानों के साथ थाना के आगे सब्जी मंडी के पास पहुंचे तो भीड़ की ओर से मस्जिद और आसपास की गलियों से पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी गई।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि भीड़ में शामिल कुछ लोग करीब 20 से 25 फीट की दूरी से पुलिस बल पर जानलेवा फायरिंग कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार, बार-बार मना करने के बाद भी जब फायरिंग नहीं रुकी तो आत्मरक्षा और जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए सहायक अवर निरीक्षक निलेश कुमार सिंह ने अपने सरकारी पिस्टल से नियंत्रित तरीके से हवा में दो चक्र फायर किया। इसके बाद भीड़ पीछे हटने लगी।