DM के औचक निरीक्षण में खुली पोल, पूछ- UP के CM कौन? जवाब- नरेंद्र मोदी, लगाई फटकार

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उत्तर प्रदेश के बांदा में उस वक्त शिक्षा गुणवत्ता की पोल खुल गई, जिस वक्त डीएम ने एक सरकारी स्कूल में बच्चों से कुछ सवाल पूछे. क्लास में कक्षा 5 और 6 के बच्चे शुद्ध हिंदी तो लिखना दूर देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के साथ ही उत्तर प्रदेश के CM का नाम नहीं बता सके. इस पर डीएम ने टीचर को फटकार लगाई.

लाख कोशिश के बावजूद सरकारी स्कूल की व्यवस्था जस की तस है. डीएम अनुराग पटेल ने बच्चों की क्लास के बाद टीचरों की जमकर क्लास लगा दी और एक महीने के अंदर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए हैं. न सुधार होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. स्कूल ने नामांकन के सापेक्ष बच्चे कम होने पर भी नाराजगी जताई है.

अचानक अतर्रा तहसील के तुर्रा गांव के प्राइमरी स्कूल में निरीक्षण को पहुंच गए. यहां डीएम का काफिला देख स्कूल के स्टाफ में हड़कंप मच गया. डीएम ने स्कूल परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया.

निरीक्षण में गैर-हाजिर शिक्षा मित्र की सैलरी रोकने के निर्देश दिए. इसके बाद डीएम एक टीचर के रूप बच्चों के पास पहुंचे, जहां उन्होंने कक्षा 5 के बच्चों से पहाड़ा सुना, कुछ सुना पाए तो कुछ नहीं. इसके बाद उन्होंने बच्चों से ‘शाम को जल्दी नींद आती है’ लिखने के लिए कहा, जिसमें क्लास में एक बच्चे को छोड़कर कोई भी सही नहीं लिख पाया.

साथ ही डीएम अनुराग पटेल ने बच्चों से प्रदेश के CM, देश के राष्ट्रपति और PM का नाम पूछा, जिस पर बच्चे नहीं बता सके. एक बच्चे ने तो यूपी के सीएम का नाम नरेंद्र मोदी बताया. इस पर डीएम ने स्कूल स्टाफ को फटकार लगाई और निर्देश दिया कि एक महीने में गुणवत्ता सही करें अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी. डीएम ने बीएसए को समय-समय पर स्कूल की गुणवत्ता चेक करने के निर्देश भी दिए.