राहुल गांधी के आने से पहले पुणे में बवाल, हॉस्टल में भिड़े ABVP-NSUI
राहुल गांधी के पुणे पहुंचने से ठीक पहले शहर का राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया. शुक्रवार रात सीओईपी के हॉस्टल परिसर में ABVP और NSUI से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई. मामला इतना बढ़ा कि शनिवार को हॉस्टल में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा. विवाद के बाद पुलिस ने ABVP के एक सदस्य की शिकायत पर युवा कांग्रेस के 50 से 60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. यानी राहुल गांधी के दौरे से पहले ही छात्र राजनीति सड़क से निकलकर थाने तक पहुंच गई.
मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं. ABVP का आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ता छात्राओं को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दबाव डाल रहे थे. वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ABVP कार्यकर्ता दो छात्राओं को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस अब इन आरोपों की जांच कर रही है.
ABVP सदस्य की शिकायत के मुताबिक, कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता सीओईपी की छात्राओं को कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए मजबूर कर रहे थे. आरोप यह भी है कि एक छात्रा पर वीडियो के जरिए बयान रिकॉर्ड करने का दबाव बनाया जा रहा था. इसी शिकायत की जांच के लिए ABVP कार्यकर्ता हॉस्टल परिसर पहुंचे थे.
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ABVP सदस्यों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की. घटना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है. फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है.
घटना के बाद हॉस्टल पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया कि ABVP कार्यकर्ता दो छात्राओं को डरा-धमका रहे थे. महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष अक्षय जैन ने कहा कि दोनों छात्राओं ने अपनी स्कॉलरशिप से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंता जताई थी और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का समर्थन किया था.
पुणे पुलिस के अधिकारी के मुताबिक, ABVP सदस्य की शिकायत के आधार पर युवा कांग्रेस के 50 से 60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. झड़प के बाद सीओईपी हॉस्टल परिसर में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई. पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है.
राहुल गांधी के पुणे दौरे से ठीक पहले हुई इस झड़प ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है. छात्र संगठनों से जुड़ा विवाद अब पुलिस केस तक पहुंच गया है. फिलहाल जांच के बाद ही साफ होगा कि हॉस्टल में विवाद की शुरुआत कैसे हुई और मारपीट के लिए कौन जिम्मेदार था.
