पुतिन बोले- ट्रम्प भारत-चीन को धमकाना बंद करें, दोनों देशों को टैरिफ से नहीं डरा सकते
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भारत और चीन को टैरिफ के नाम पर धमकाना बंद करने को कहा है। उन्होंने कहा कि दोनों (भारत-चीन) देश उनकी धमकी से डरने वाले नहीं हैं। चीन की विक्ट्री डे परेड में शामिल होने के बाद बुधवार (3 सितंबर) को मीडिया से बात करते हुए पुतिन ने कहा कि ट्रम्प, भारत या चीन से इस तरह से बात नहीं कर सकते। रूसी राष्ट्रपति ने कहा, ‘भारत और चीन का इतिहास हमलों से भरा है। अगर इन देशों का कोई नेता कमजोरी दिखाएगा तो उसका राजनीतिक करियर खत्म हो सकता है।’ ट्रम्प भारत पर कई बार आरोप लगा चुके हैं कि भारत रूसी तेल खरीदता है और यूक्रेन जंग को रूस का साथ दे रहा है। ट्रम्प अपने टैरिफ को जंग सुलझाने वाला हथियार बताते हैं।
ट्रम्प ने बुधवार को द स्कॉट जेनिंग्स रेडियो शो में कहा था कि इस (टैरिफ) नीति की वजह से अमेरिका को ताकत मिलती है। ट्रम्प ने टैरिफ को जादुई हथियार कहा और दावा किया इसके जरिए उन्होंने 7 जंग रोकी हैं। पुतिन ने अमेरिका के रवैये को पुराना और रूढ़िवादी मानसिकता वाला बताया। उन्होंने कहा, ‘औपनिवेशिक युग अब खत्म हो चुका है। अमेरिका को समझना होगा कि वह अपने पार्टनरों से ऐसी भाषा में बात नहीं कर सकता।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में तनाव कम होगा और सामान्य राजनीतिक बातचीत फिर शुरू होगी।
पुतिन की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब भारत रूसी तेल खरीदने के कारण अमेरिकी टैरिफ का सामना कर रहा है और चीन अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध में उलझा है। 1 सितंबर को चीन के तियानजिन में SCO की बैठक हुई। बैठक से पहले फोटो सेशन के दौरान भारतीय PM नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति पुतिन एकसाथ नजर आए। तीनों नेताओं को एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए भी देखा गया। भारत, चीन और रूस के नेताओं ने आपसी दोस्ती का प्रदर्शन किया, जिससे अमेरिका बेचैन हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस को विशेष और विश्वसनीय साझेदार बताया। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया के दो सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों को दोस्त होना चाहिए।
SCO समिट के बाद PM मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने द्विपक्षीय बातचीत की थी। खासबात यह रही कि पुतिन, मोदी को अपनी लग्जरी कार AURUS लिमोजिन में साथ बैठाकर ले गए। रास्ते में दोनों नेताओं के बीच वन-टु-वन बातचीत की। होटल पहुंचने के बाद भी वे कार से नहीं उतरे और करीब 50 मिनट तक बातचीत करते रहे थे। हालांकि, पुतिन ने बताया था कि उन्होंने मोदी को अलास्का में ट्रम्प के साथ हुई बातचीत के बारे में बताया। उन्होंने खुलकर इस बारे में ज्यादा बताने से इनकार किया। मॉस्को के राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक कार में हुई यह बात दोनों नेताओं के बीच सबसे अहम और गोपनीय बातचीत थी, जिसमें ऐसे मुद्दे शामिल थे, जिन पर सार्वजनिक रूप से बात नहीं कर सकते थे।
