राहुल गांधी बनाम कार्तिकेय चौहान मानहानि केस: हाईकोर्ट में अंतिम सुनवाई 14 मई तक टली
शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय के खिलाफ पनामा पेपर लीक से जुड़े बयान देने के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश के खिलाफ राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में समन आदेश और आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी गई है। इस मामले की सुनवाई जबलपुर हाईकोर्ट में जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की सिंगल बैंच में चल रही है। यह मामला अंतिम सुनवाई के चरण में है। अब यह सुनवाई फिर 14 मई के लिए टल गई है। राजनीतिक मंच से दिए गए बयान के बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ दिए गए अपने बयान को गलती बताते हुए स्पष्टिकरण दिया था। हालांकि कार्तिकेय सिंह चौहान ने इस मामले को गंभीर मानते हुए अदालत का रुख किया। कार्तिकेय ने दावा किया कि बयान से उनकी व्यक्तिगत एवं पारिवारिक छवि को नुकसान पहुंचा है।
कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से भोपाल स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। शिकायत में कहा गया कि राहुल गांधी ने सार्वजनिक मंच से गलत और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले आरोप लगाए। मामले की सुनवाई के बाद दिसंबर 2024 में अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज करते हुए राहुल गांधी को समन जारी किया था।
यह पूरा मामला वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान झाबुआ में आयोजित एक चुनावी सभा से जुड़ा हुआ है। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पनामा पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया था। इसी बयान को आधार बनाकर बाद में आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू की गई।
इस मामले में आज 12 मई को अंतिम सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन अब यह सुनवाई आगे बढ़ाकर 14 मई दोपहर 2:30 बजे तय कर दी गई है। राजनीतिक और कानूनी नज़र से संवेदनशील माने जा रहे इस मामले पर अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जहां हाईकोर्ट महत्वपूर्ण आदेश दे सकता है।
