43वीं रैंक के कांगो ने पुर्तगाल को ड्रॉ पर रोका, वर्ल्डकप में पहला गोल भी दागा

फुटबॉल वर्ल्ड कप में छोटी टीमों का कमाल जारी है। बुधवार को 43वीं रैंकिंग वाली कांगो ने स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को 1-1 के ड्रॉ पर रोक लिया। 52 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रही कांगो गणराज्य ने टूर्नामेंट में अपना पहला गोल भी दागा। हालांकि, रोनाल्डो एक भी गोल नहीं कर सके। ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में ग्रुप-K के मैच में पुर्तगाल ने छठे मिनट में जोआओ नेवेस के गोल से शानदार शुरुआत की। लेकिन यही उसका आखिरी गोल रहा। हाफ टाइम से ठीक पहले 45+5वें मिनट में योआन वीसा ने कांगो को बराबरी दिलाई। इस ड्रॉ के बाद पुर्तगाल को ग्रुप स्टेज से अगले मैच जीतने होंगे। उसे 23 जून को उज्बेकिस्तान और 28 जून को कोलंबिया से मैच खेलने हैं। फिलहाल, टीम ग्रुप-के की पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है।

छठे मिनट में पुर्तगाल के मिडफील्डर जोआओ नेवेस ने पेड्रो नेटो के क्रॉस पर हेडर लगाकर टीम को 1-0 से आगे कर दिया।
पहले हाफ के अतिरिक्त समय में कांगो के आर्थर मासुआकु के क्रॉस पर योआने विसा ने हेडर लगाकर गोल किया। स्कोर 1-1 कर दिया।

41 साल और 132 दिन की उम्र में क्रिस्टियानो रोनाल्डो वर्ल्ड कप मैच की शुरुआत करने वाले सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी बने।
रोनाल्डो टूर्नामेंट में खेलने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने हैं। उनसे आगे कैमरून के रोजर मिल्ला हैं, जो 1994 में 42 साल और 39 दिन की उम्र में रूस के खिलाफ उतरे थे।

यह कांगो के इतिहास का पहला वर्ल्ड कप गोल था। इससे पहले टीम ने 1974 में जायर नाम से वर्ल्ड कप खेला था, लेकिन तब कोई गोल नहीं कर सकी थी।

गोल के बाद विसा ने कहा, ’52 साल बाद हम फिर वर्ल्ड कप में लौटे हैं। यह गोल मेरे, मेरे परिवार और पूरे कांगो के लिए बेहद खास है।’

पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो पूरे मैच में गोल की तलाश में रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने 68वें और 73वें मिनट में दो अच्छे मौके गंवा दिए। दोनों बार उनका शॉट गोलपोस्ट के दाईं ओर निकल गया। 90वें मिनट में ब्रूनो फर्नांडिस के पास भी विजयी गोल करने का मौका था, लेकिन उनका प्रयास भी लक्ष्य से चूक गया।