थोड़ी देर में शुरू होगी जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथ यात्रा, उमड़ी भक्तों की भीड़
आज से भगवान जगन्नाथ की पवित्र रथ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है, जो 24 जुलाई तक चलेगी. सनातन धर्म में ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा का विशेष और अत्यंत पवित्र महत्व माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को इस दिव्य उत्सव का शुभारंभ होता है.
इस शुभ अवसर पर महाप्रभु जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं. इस दौरान भगवान श्रीमंदिर से प्रस्थान कर अपनी मौसी के घर, यानी गुंडीचा मंदिर की ओर जाते हैं.
आमतौर पर भक्त भगवान के दर्शन के लिए मंदिर के गर्भगृह तक जाते हैं, लेकिन जगन्नाथ रथयात्रा एक अनोखी परंपरा है, जहां भगवान स्वयं मंदिर से बाहर निकलकर अपने भक्तों को दर्शन देते हैं. मान्यता है कि जो श्रद्धालु किसी कारणवश मंदिर के अंदर नहीं जा पाते, उनके लिए महाप्रभु खुद सड़क पर आकर दर्शन देते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं.
VIDEO | Puri, Odisha: Devotees gather at the Jagannath Temple to witness the annual Jagannath Rath Yatra, as rain added to the fervour of the celebrations.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7)#Puri #JagannathRathYatra pic.twitter.com/w5fTf75u44
— Press Trust of India (@PTI_News) July 16, 2026
इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा गुंडीचा मंदिर में 9 दिनों तक विराजमान रहते हैं. शास्त्रों के अनुसार, यहां भगवान के आड़प दर्शन करने से सौ यज्ञों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है.
श्रीमंदिर से गुंडीचा मंदिर की दूरी करीब 3 किलोमीटर है. इस पूरे रथ मार्ग, जिसे बड़ा डांड कहा जाता है, पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है. चारों ओर शंखनाद, ढोल-मंजीरों की गूंज और ‘जय जगन्नाथ’ के गगनभेदी जयकारों से पुरी की धरती मानो बैकुंठ धाम जैसी प्रतीत होती है. इस दिव्य नजारे को देखने और इसका हिस्सा बनने के लिए हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं.
