कोरबा में ‘गाय हटाओ या टोल हटाओ’ अभियान ने पकड़ी रफ्तार

छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा और किसानों की समस्याओं को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। पार्टी के राज्यव्यापी “गाय हटाओ या टोल हटाओ” अभियान के तहत गुरुवार को कोरबा जिला इकाई ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए नेशनल हाईवे और जिले की प्रमुख सड़कों पर बढ़ते सड़क हादसों, आवारा मवेशियों की समस्या, ब्लैक स्पॉट और खराब सड़क निर्माण को लेकर गंभीर चिंता जताई।

पार्टी का कहना है कि प्रदेश में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के पीछे केवल तेज रफ्तार वाहन ही जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि हाईवे पर खुलेआम घूम रहे आवारा मवेशी, सड़क निर्माण में लापरवाही और जगह-जगह बने ब्लैक स्पॉट भी बड़ी वजह बन चुके हैं। इन समस्याओं के कारण आम नागरिकों की जान लगातार खतरे में पड़ रही है।

ज्ञापन के माध्यम से आम आदमी पार्टी ने कहा कि कोरबा सहित प्रदेश के कई हिस्सों में नेशनल हाईवे और प्रमुख सड़कों पर दिन और रात दोनों समय बड़ी संख्या में आवारा मवेशी बैठे या घूमते हुए दिखाई देते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक सामने आने वाले इन पशुओं के कारण अक्सर गंभीर सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।

पार्टी नेताओं का कहना है कि कई मामलों में लोगों की मौके पर ही मौत हो जाती है, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल होकर लंबे समय तक इलाज कराने को मजबूर होते हैं। उनका आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी ने केवल आवारा मवेशियों की समस्या ही नहीं उठाई, बल्कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए। पार्टी का कहना है कि कई स्थानों पर सड़कें गड्ढों से भरी हुई हैं, वहीं दुर्घटना संभावित स्थानों (ब्लैक स्पॉट) पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं।

ज्ञापन में कहा गया कि खराब सड़क निर्माण, उचित संकेतकों की कमी और समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पार्टी ने मांग की कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को केवल सड़क सुरक्षा तक सीमित नहीं रखा। पार्टी का कहना है कि खुले में घूम रहे मवेशियों के कारण किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशु खेतों में घुसकर तैयार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की मेहनत और आय दोनों प्रभावित हो रही हैं। पार्टी नेताओं ने कहा कि कई किसान पूरी रात खेतों में जागकर अपनी फसल की रखवाली करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी दिनचर्या और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

पार्टी ने सरकार से मांग की कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए पर्याप्त संख्या में गौशालाओं की व्यवस्था की जाए, ताकि आवारा मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखा जा सके और किसानों तथा आम नागरिकों को राहत मिल सके।

ज्ञापन में आम आदमी पार्टी ने यह भी कहा कि जब नेशनल हाईवे पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तब टोल वसूली के औचित्य पर भी सवाल उठते हैं।

पार्टी ने दावा किया कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस प्रकार की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि हाईवे को आवारा पशुओं से सुरक्षित नहीं रखा जा सकता, तो टोल वसूली का औचित्य नहीं रह जाता। इसी आधार पर पार्टी ने टोल वसूली करने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

पार्टी का कहना है कि टोल वसूली केवल शुल्क लेने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सड़क की सुरक्षा, रखरखाव और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करना भी संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है।