‘साईं बाबा और मां भवानी की शपथ, फिर भी छोड़कर गए तो…’, संजय राउत की बागी सांसदों को चेतावनी

शिवसेना (यूबीटी) में बगावत की अटकलों के बीच पार्टी नेता संजय राउत ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए संजय राउत ने कहा कि ये ऑपरेशन टाइगर है. मीडिया के जरिए मैं ये कहना चाहता हूं कि हमारे साथ यहां UBT के लोकसभा नेता अरविंद सावंत, चीफ व्हिप अनिल देसाई और नासिक के सांसद राजाभाऊ मौजूद हैं. उन्होंने साफ किया कि उनकी पार्टी के कुछ सांसद मुंबई में थे तो कुछ दिल्ली में हैं. उन्होंने कहा कि ‘धनुष-बाण का निशान’ शिवसेना का था, उद्धव ठाकरे का था. हम उस निशान के लिए सुप्रीम कोर्ट गए थे.

इसी दौरान उन्होंने बागी सांसदों को खुली चेतावनी भी दी. संजय राउत ने कहा कि एक ने साईं बाबा की शपथ ली, एक ने मां भवानी की शपथ ली, एक ने अपनी मां की शपथ ली तो एक और ने अपनी मां-बेटी की शपथ ली, इसके बाद भी कोई शिवसेना छोड़कर गया तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं.

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट करते हुए बताया कि ‘मैं अभी मानता हूं कि हमारे सभी सांसद साथ हैं.’ उन्होंने कहा कि हमने सांसदों से बात की है. उन्होंने साईं बाबा, मां भवानी और अपनी मां की शपथ (कसम) ली है. इसके बाद भी अगर कोई दगा देता है तो उसको छोड़ेंगे नहीं.राउत ने प्रेस वार्ता में कहा कि जिन्हें जाना है, वो इस्तीफा देकर जा सकते हैं.

असल में शिवसेना उद्धव गुट में बीते कुछ दिनों से उथल-पुथल मची हुई थी. इसी बीच कयास लग रहे थे कि आम आदमी पार्टी और टीएमसी के बाद अब अगला नंबर उद्धव गुट का ही है, जिसमें टूट होने के आसार बन रहे थे. हालांकि बुधवार को उद्धव ठाकरे की पार्टी के बागी सांसद नई दिल्ली पहुंच गए और टूट की खबरें गलत होती नजर आ रही है,

सामने आया था कि दो यूबीटी सांसदों- राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल ने शिंदे गुट के साथ जाने की अटकलों से इनकार कर दिया है. उनके बयान के बाद महाराष्ट्र में यूबीटी ने बागियों का पूरा गेम पलट दिया है. हालांकि, सूत्रों ने ये भी दावा किया था कि यूबीटी के बागी सांसद कुछ देर में लोकसभा स्पीकर के आवास पर मुलाकात कर सकते हैं, लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ.

लोकसभा में यूबीटी बागी सांसदों को दलबदल के लिए 7 सांसदों का समर्थन चाहिए, क्योंकि लोकसभा में यूबीटी के सांसदों की संख्या 9 हैं. इससे पहले मातोश्री में उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई आपातकालीन बैठक में नौ में से केवल चार सांसद ही पहुंचे थे, जिसने पार्टी में बड़ी टूट की खबरों को हवा दे दी थी.

इसी बीच जानकारी आ रही है कि श्रीकांत शिंदे अभी स्पीकर से नहीं मिल रहे हैं. सबसे पहले बागी गुट को स्पीकर को पत्र सौंपना होगा. इसके बाद मुलाकात हो सकती है. बताया जा रहा है कि शिंदे के आवास पर भी सुबह कोई बैठक नहीं हुई है. इस तरह अभी फिलहाल तो उद्धव गुट में टूट होती नहीं दिख रही है.