संजीव शुक्ला रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर बने, श्वेता ग्रामीण SP बनाई गईं, 15 IPS अफसरों का ट्रांसफर

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को पहला पुलिस कमिश्नर मिल गया है. आईपीएस अफसर संजीव शुक्ला रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर बने. गृह विभाग ने उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया है. गृह विभाग द्वारा कुल 15 पुलिस अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया गया है. IPS रामगोपाल गर्ग को बिलासपुर रेंज का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है. IPS अभिषेक शांडिल्य को दुर्ग रेंज का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया. IPS बालाजी राव सोमावर राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बने. IPS अमित तुकाराम कांबले अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, रायपुर नगरीय बने. IPS लाल उमेद सिंह को जशपुर का एसएसपी बनाया गया. IPS शशि मोहन सिंह रायगढ़ के एसएसपी बनाए गए. IPS दिव्यांग पटेल को रेल एसपी, रायपुर की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं IPS अफसर विकास कुमार डीसीपी ट्रैफिक और प्रोटोकॉल, रायपुर बनाए गए.

आईपीएस अफसर राजनाला स्मृतिक डीसीपी क्राइम व साइबर, रायपुर बने. श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा रायपुर ग्रामीण की एसपी बनाई गईं. IPS इंदु अग्रवाल सहायक पुलिस आयुक्त, आजाद चौक रायपुर बनीं. IPS उमेश प्रसाद गुप्ता को पुलिस उपायुक्त रायपुर नगरीय (मध्य) की जिम्मेदारी सौंपी गई है. IPS मयंक गुर्जर उपायुक्त उत्तर रायपुर नगरीय होंगे. IPS संदीप पटेल पुलिस उपायुक्त रायपुर पश्चिम होंगे.

शुक्रवार से रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होगी, जिससे बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिलेगा. राजधानी के पहले पुलिस कमिश्नर को लेकर कई सीनियर आईपीएस अफसरों के नाम की चर्चा हो रही थी. इनमें आईजी संजीव शुक्ला, बीएन मीणा, रामगोपाल गर्ग और अजय यादव रेस में सबसे आगे थे. अब इन्हीं नामों में से रायपुर को पहला पुलिस कमिश्नर मिल गया है. आईपीएस संजीव शुक्ला के नाम पर मुहर लगी है. वह 2004 बैच के IPS अफसर हैं. फिलहाल वह बिलासपुर रेंज के आईजी हैं. रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर को लेकर दुर्ग रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग का नाम भी काफी मजबूती से लिया जा रहा था. IPS संजीव शुक्ला और रामगोपाल गर्ग का प्रशासनिक अनुभव और फील्ड कमांड काफी मजबूत है, जो पुलिस कमिश्नर प्रणाली के लिए काफी अहम है.

बताते चलें कि 23 जनवरी 2026 से रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली औपचारिक रूप से लागू हो जाएगी. इसके तहत पुलिस कमिश्नर को कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक फैसलों में ज्यादा अधिकार मिलेंगे. माना जा रहा है कि इससे अपराध पर तेजी से नियंत्रण होगा, त्वरित फैसले लिए जा सकेंगे और बेहतर पुलिसिंग संभव हो पाएगी. रायपुर के लिए यह व्यवस्था एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है.

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