करवा चौथ पर कितने बजे खाएं सरगी? जानें सूर्योदय का समय और व्रत का मुहूर्त
करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए सरगी से लेकर चांद निकलने तक का समय बेहद खास होता है. इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाकर व्रत शुरू किया जाता है और शाम को भगवान शिव, माता पार्वती तथा चंद्रदेव की पूजा के बाद व्रत खोलने की परंपरा है. ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं के मन में अक्सर सवाल रहता है कि सरगी कितने बजे खानी चाहिए और व्रत की शुरुआत किस समय से होगी.
इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा. पंचांग के अनुसार, दिल्ली में सूर्योदय सुबह करीब 6 बजकर 31 मिनट पर होगा. इसलिए सरगी सूर्योदय से पहले ग्रहण कर लेनी चाहिए. हालांकि, सूर्योदय का समय शहर के अनुसार कुछ मिनट अलग हो सकता है.
करवा चौथ 2026: सरगी खाने का शुभ समय
करवा चौथ पर सरगी खाने की परंपरा है. आमतौर पर सास अपनी बहू को सरगी देती हैं, जिसमें फल, मिठाइयां, सूखे मेवे, मठरी और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं. सरगी खाने के बाद महिलाएं व्रत का संकल्प लेती हैं.
पंचांग के अनुसार, 29 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त सुबह करीब 4:48 बजे से 5:39 बजे तक रहेगा. इस दौरान सरगी ग्रहण करने की तैयारी की जा सकती है. ध्यान रखें कि सरगी सूर्योदय से पहले खा लेनी चाहिए.
करवा चौथ पर सूर्योदय का समय: शहर के हिसाब से जानें
करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से शुरू करने की परंपरा है. अलग-अलग शहरों में सूर्योदय का समय अलग होने के कारण सरगी खाने के लिए भी स्थानीय समय का ध्यान रखना जरूरी है.
शहर सूर्योदय का अनुमानित समय
दिल्ली – सुबह 6:31 बजे
मुंबई – सुबह 6:37 बजे
कोलकाता – सुबह 5:39 बजे
जयपुर – सुबह 6:35 बजे
लखनऊ- सुबह 6:14 बजे
बेंगलुरु- सुबह 6:12 बजे
चेन्नई – सुबह 6:02 बजे
हैदराबाद – सुबह 6:13 बजे
करवा चौथ पर व्रत कब से शुरू होगा?
करवा चौथ पर महिलाएं परंपरागत रूप से सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं. इस दौरान भोजन और पानी ग्रहण नहीं किया जाता. हालांकि, व्रत रखने का तरीका व्यक्तिगत स्वास्थ्य और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार अलग हो सकता है.
द्रिक पंचांग के अनुसार, दिल्ली में 29 अक्टूबर को पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक रहेगा. यह समय स्थानीय पंचांग के अनुसार दूसरे शहरों में अलग हो सकता है.
करवा चौथ पर इन बातों का रखें ध्यान
– सरगी सूर्योदय से पहले ग्रहण करें.
– व्रत शुरू करने से पहले जरूरी तैयारियां पूरी कर लें.
– पूजा के लिए करवा, दीपक, रोली, चावल, फूल और अन्य पूजन सामग्री पहले से रख लें.
– शाम को शुभ मुहूर्त में पूजा और व्रत कथा करें.
– चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य के लिए अपने शहर का चंद्रोदय समय जांच लें.
