मिल्क यूनिट के नाम पर 68 लाख का स्कैम, लोन लेकर गायब हुए आरोपी
नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में मिल्क प्रोडक्ट बनाने की यूनिट लगाने के नाम पर पंजाब नेशनल बैंक से 68 लाख 60 हजार रुपये का टर्म लोन लेकर गबन करने का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने शुद्धि मिल्क प्रोडक्ट के प्रोप्राइटर हेमराज किरार और हेटल डेयरी मशीनरीज कानपुर के प्रोप्राइटर सोनी सिंह के विरुद्ध एफआइआर दर्ज की है। ईओडब्ल्यू के अनुसार, तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के ब्रांच मैनेजर धर्मेंद्र सिंह राजपूत की शिकायत पर जांच की गई। जांच में पाया गया कि हेमराज किरार ने मिल्क प्रोडक्ट यूनिट के लिए 68.60 लाख रुपये का टर्म लोन लिया और मशीनरी खरीद के लिए 97.72 लाख रुपये का कोटेशन बैंक में प्रस्तुत किया। लोन स्वीकृत होने पर राशि हेटल डेयरी मशीनरीज कानपुर के खाते में ट्रांसफर की गई। लोन की राशि मिलने के बावजूद आरोपित ने निर्धारित स्थान बिलथारी में यूनिट स्थापित नहीं की।
बैंक को बताया गया कि कटनी के जुहला बायपास के पास किराए के भवन में यूनिट लगाई गई है। निरीक्षण में पाया गया कि छह सेक्शन में से केवल दो सेक्शन की मशीनें लगी थीं, वे भी बंद अवस्था में थीं। इस तरह फर्जी बिलों के जरिए पूरी यूनिट लगाए बिना ही लोन की राशि हड़प ली गई। ईओडब्ल्यू ने दोनों आरोपितों सहित अन्य के खिलाफ धारा 406, 420 और 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की है।
