पृथ्वी के बाहर जीवन की तलाश पूरी? NASA को मिले पक्के वायुमंडल के सबूत
हमारे सौर मंडल के बाहर जीवन की खोज में एक नया मोड़ आया है। रिसर्चर्स ने 49 प्रकाश-वर्ष दूर पृथ्वी जैसे एक ग्रह के चारों ओर एक वायुमंडल का पता लगाया है, जिसकी सतह पर तरल पानी हो सकता है। पथरीले एक्सोप्लैनेट के चारों ओर भी ऐसे घेरे के संकेत मिले हैं, जो अपने तारे के रहने योग्य क्षेत्र (हैबिटेबल जोन) के बाहर स्थित हैं। यह वह क्षेत्र है, जहां ग्रह की सतह पर तरल पानी मौजूद हो सकता है। इसलिए वहां पृथ्वी की तरह जीवन की संभावना हो सकती है।
इससे पहले गैस वाले बड़े एक्सोप्लैनेट और सब-नेपच्यून के चारों ओर वायुमंडल पाए गए हैं लेकिन यह नई खोज अलग है। स्टडी के मुख्य लेखक डॉक्टर कॉलिन चेरुबिम ने बताया है कि यह हमारे सौर मंडल के बाहर रहने योग्य क्षेत्र में स्थित एक पथरीले ग्रह पर वास्तव में ऑब्जर्वेशन से कन्फर्म हुआ पहला वायुमंडल है।
डॉक्टर कॉलिन चेरुबिम के मुताबिक, यह वास्तव में एक रोमांचक खोज है। मुझे लगता है कि यह LHS 1140b को हमारे सौर मंडल के बाहर एस्ट्रोबायोलॉजी और रहने की क्षमता के अध्ययन के लिए यह सबसे आशाजनक और रोमांचक प्रयोगशाला के रूप में सबसे आगे रखती है।
LHS 1140b ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी से 5.6 गुना है और इसकी त्रिज्या 70% बड़ी है। चेरुबिम ने बताया कि यह कुछ मामलों में पृथ्वी के समान है। जैसे इसकी कुल बनावट और तापमान। कुछ मामलों में यह अलग है। जैसे- यह टाइडली लॉक्ड है, इसमें बहुत अधिक पानी हो सकता है। इसका वायुमंडल बहुत अलग है।
2017 में खोजा गया यह ग्रह अपेक्षाकृत पास है और सेटस (समुद्री राक्षस) तारामंडल में एक छोटे लाल बौने तारे (रेड ड्वार्फ) की परिक्रमा करता है। यह तारा हमारे अपने सूर्य से छोटा और कम चमकदार है लेकिन अपनी ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा आयनकारी विकिरण के रूप में छोड़ता है। चेरुबिम ने यह खोज जारी रखने के लिए, खासकर जीवन के संकेत खोजने के लिए, एक बहुत ही रोमांचक जगह है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एस्ट्रोफिजिक्स की प्रोफेसर जेन बर्कबी ने कहा कि यह शानदार खोज है। छोटे रेड ड्वार्फ तारे सबसे आम तरह के तारे होते हैं। इसलिए उनके रहने लायक जोन में मौजूद चट्टानी एक्सोप्लैनेट का अध्ययन करने का हमारे पास सबसे अच्छा मौका होता है। वे अक्सर बहुत सक्रिय होते हैं। वे अपने आस-पास मौजूद ग्रहों का वायुमंडल उड़ा ले जाते हैं, जिससे चट्टानी ग्रहों पर या तो बहुत पतला वायुमंडल बचता है या फिर हवा बिल्कुल नहीं रहती।
नीदरलैंड्स की लीडेन ऑब्जर्वेटरी की डॉक्टर यामिला मिगुएल ने भी इन नतीजों का स्वागत किया और कहा कि यह पहले से ही पता था कि अपने होस्ट स्टार के करीब मौजूद ग्रह अंतरिक्ष में अपनी वायुमंडलीय गैसें खो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह ग्रह इसलिए इतना दिलचस्प है क्योंकि यह इतनी ज्यादा मात्रा में वायुमंडल खो रहा है। हम यहां से इसका पता लगा सकते हैं, जो कि एक छोटे और पथरीले ग्रह के मामले में आसान नहीं है।
