‘शहीद दिवस’ रैली से पहले TMC को झटका, कोलकाता में 60 दिन तक सभाओं पर रोक

ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है. कोलकाता पुलिस ने मध्य कोलकाता के कुछ हिस्सों में अगले 60 दिनों के लिए रैलियों और सभाओं पर रोक लगा दी है. इस आदेश के बाद अब इन इलाकों में पांच या उससे ज्यादा लोगों के जमा होने पर रोक रहेगी. इसके साथ ही किसी भी तरह की रैली, बैठक, जुलूस, धरना प्रदर्शन और लाठी या हथियार ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. 21 जुलाई को TMC की ‘शहीद दिवस’ रैली होने वाली है, अब पुलिस का ये आदेश पार्टी की रैली पर असर डाल सकता है.

ये फैसला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत लिया गया है. पुलिस कमिश्नर अजय नंद के मुताबिक, ये पाबंदी 2 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक लागू रहेगी. इस आदेश के तहत बोबजार थाना, हरे स्ट्रीट थाना और हेडक्वार्टर ट्रैफिक गार्ड के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाकों पर पाबंदी लगी रहेगी. इसमें के.सी. दास क्रॉसिंग से लेकर विक्टोरिया हाउस और उसके आस-पास के क्षेत्र शामिल हैं. हालांकि, बेंटिंक स्ट्रीट को इस दायरे से बाहर रखा गया है.

पुलिस का कहना है कि उन्हें खुफिया इनपुट मिले थे कि कुछ गैर-कानूनी जमावड़ों की वजह से सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है और ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ सकती है. इसलिए ये कदम उठाया गया है.

इस प्रतिबंधित क्षेत्र में विक्टोरिया हाउस के पास का वो मैदान भी शामिल है, जहां TMC हर साल 21 जुलाई को अपनी ऐतिहासिक ‘शहीद दिवस’ रैली करती है. पार्टी ने इस साल की रैली के लिए 27 जून 2026 को पुलिस से अनुमति मांगी थी. लेकिन पुलिस के नोटिफिकेशन में साफ लिखा गया है कि विक्टोरिया हाउस या केसी दास क्रॉसिंग पर किसी भी सार्वजनिक बैठक या जुलूस की इजाजत नहीं दी जाएगी.

आदेश में ये भी बताया गया है कि चाहे ममता बनर्जी का धड़ा हो, रितब्रत का गुट हो या फिर कालीघाट कैंप-किसी भी गुट को यहां कार्यक्रम करने की इजाजत नहीं होगी.

पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, पुलिस ने ये भी कहा कि जरूरत पड़ने पर पहले से स्वीकृत और खास कार्यक्रमों के लिए कुछ छूट दी जा सकती है.