शरद पवार के NDA में जाने की अटकलें, पार्टी ने कहा- विपक्ष को कमजोर करने की साजिश
शरद पवार की पार्टी NCP के NDA में शामिल होने या कांग्रेस में विलय की अटकलें हैं। हालांकि, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने इन सभी चर्चाओं को अफवाह बताया है। शरद की पार्टी के नेता NDA में शामिल के फेवर में नहीं हैं। कुछ नेताओं ने इस पर असहमति जताई है। पोता रोहित पवार इस फैसले के खिलाफ हैं। दरअसल, इन अटकलों को उस समय और बल मिला, जब शरद पवार ने महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर 8 जुलाई को मुंबई में विधानभवन में मीटिंग हुई थी। इसके बाद पवार ने डिप्टी CM शिंदे के कमरे में अपनी पार्टी के विधायकों से मुलाकात की।
2 वजह से अटकलों को हवा मिली
बुधवार को शरद पवार ने विधानभवन में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार के के मीटिंग में पहुंचने की सूचना मिलते ही शिंदे ने अपनी चल रही बैठक कुछ समय के लिए छोड़कर उनसे मुलाकात की। हालांकि दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और शरद गुट के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल की मंगलवार को मुंबई के एक होटल में मुलाकात हुई।
शरद गुट के नेता जयंत पाटिल ने कहा कि पवार की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें लंबी दूरी तक पैदल चलाना उचित नहीं था। डिप्टी CM शिंदे का कमरा विधान भवन से निकलने वाले दरवाजे के बिल्कुल नजदीक है, इसलिए सुविधा के लिहाज से वहीं बैठक करने का निर्णय लिया गया।
शिवसेना (UBT) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इसे ‘गद्दारों का महिमामंडन’ बताया। उन्होंने कहा, वह इस मुद्दे पर शरद पवार से बात करेंगे, हालांकि उन्हें पूरा विश्वास है कि पवार NDA में शामिल नहीं होंगे।
राउत के बयान पर NCP (SP) के प्रवक्ता अमोल माटेले ने कहा, ’50 साल से अधिक का राजनीतिक अनुभव रखने वाले शरद पवार को राजनीति सिखाने की जरूरत नहीं है। अगर शरद और शिंदे की एक मुलाकात से ही महाविकास आघाड़ी अस्थिर दिखाई देने लगे, तो इसका मतलब गठबंधन की नींव ही कमजोर है।
