Share Market : शेयर बाजार में गिरावट; सेंसेक्स 350 अंक लुढ़का, निफ्टी 22500 से नीचे
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। भारतीय रिजर्व बैंक के सख्त मौद्रिक नीति के संकेत और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें इसका मुख्य कारण रहीं। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी से भी बाजार का माहौल खराब हुआ। हालांकि,डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे मजबूत होकर 96.65 पर पहुंच गया।
शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स 357.67 अंक गिरकर 72,281.03 पर पहुंच गया। निफ्टी भी 108.80 अंक की गिरावट के साथ 22,494.25 पर आ गया। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में आईटीसी, अदाणी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और इंटरग्लोब एविएशन प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और इंफोसिस लाभ में रहे। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.02 फीसदी बढ़कर 102.2 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 6,121.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।
रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे बढ़कर 96.65 पर पहुंच गया। यह भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप के कारण हुआ। हालांकि, रुपया लगातार व्यापक आर्थिक चुनौतियों के कारण दबाव में है। इनमें वैश्विक डॉलर की मजबूती और ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतें शामिल हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में भी तीन हफ्तों में 50 अरब अमेरिकी डॉलर की गिरावट आई है। फाइनरेक्स के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली के अनुसार, डॉलर की मजबूत कॉर्पोरेट आयातक मांग और सुरक्षित-निवेश पूंजी के बदलाव ने आरबीआई की नीति को कमजोर किया। गवर्नर ने रुपये को उसके सही मूल्य पर लाने में मदद करने का आश्वासन दिया है।
