शिमला : हर रोज 30000 से ज्यादा गाड़ियों की एंट्री, लगातार ट्रैफिक जाम…
देश के मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी और शिमला में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय समर फेस्टिवल का आकर्षण इस बार पहाड़ों की रानी पर भारी पड़ता दिख रहा है. गर्मी से राहत पाने और समर फेस्टिवल का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला पहुंच रहे हैं. स्थिति यह है कि राजधानी की सड़कें वाहनों के दबाव से जूझ रही हैं और शहर के प्रमुख इलाकों में लगातार ट्रैफिक जाम देखने को मिल रहा है. शिमला पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, हर रोज 30 हजार से ज्यादा वाहन शिमला पहुंच रहे हैं, जबकि 1 जून से 10 जून के बीच साढ़े 3 लाख से अधिक वाहन शहर में दाखिल हुए हैं. मई महीने में भी 7 लाख से ज्यादा वाहन शिमला पहुंचे थे. पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचने के साथ शहर की यातायात व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. शहर के भीतर कई इलाकों में वाहन रेंगते हुए नजर आ रहे हैं. खासतौर पर एमएलए क्रॉसिंग से लेकर विधानसभा क्षेत्र, विक्ट्री टनल, लक्कड़ बाजार, संजौली, खलीनी चौक और लिफ्ट क्षेत्र प्रमुख चोक प्वाइंट बनकर उभरे हैं, जहां दिनभर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं.
शिमला के एडिश्नल एसपी ने बताया कि समर फेस्टिवल के दौरान लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या को देखते हुए पुलिस ने विशेष ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. उन्होंने बताया कि समर फेस्टिवल की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए करीब 300 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं, जबकि ट्रैफिक संचालन के लिए भी अतिरिक्त बल लगाया गया है ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो. उन्होंने कहा कि शिमला पुलिस सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार ट्रैफिक अपडेट और जरूरी सूचनाएं साझा कर रही है ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुविधा मिल सके.
पुलिस ने पर्यटकों को सलाह दी है कि जो लोग सोलन और चंडीगढ़ की तरफ से शिमला पहुंच रहे हैं और उन्हें कुफरी, नालदेहरा, मशोबरा, नारकंडा या रामपुर की ओर जाना है, वे शहर के अंदर आने की बजाय शोघी–मैहली बाईपास मार्ग का उपयोग करें ताकि मुख्य शहर में ट्रैफिक दबाव कम हो सके.
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि बढ़ते वाहनों के बीच नियम तोड़ने वालों पर सख्ती की जाएगी. यदि कोई वाहन चालक गलत तरीके से ओवरटेक करता है, लाइन तोड़ता है या ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
एक ओर जहां ट्रैफिक व्यवस्था चुनौती बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के चेहरे खिल उठे हैं. शिमला में होटलों की ऑक्यूपेंसी 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है. होटल व्यवसायियों का मानना है कि लंबे समय बाद गर्मियों के सीजन में इतनी अच्छी पर्यटन गतिविधि देखने को मिल रही है.
