चाइनीज मांझे से छात्र के गाल कटे, 34 टांके लगे, रायपुर में महिला का भी होंठ-अंगूठा कटा,
मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की खुशियां एक बार फिर चाइनीज मांझे की वजह से मातम में बदल गईं। राजधानी रायपुर और औद्योगिक नगरी भिलाई में हुए अलग-अलग हादसों में छात्र, महिला और मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। इन घटनाओं ने प्रतिबंध के बावजूद बाजार में बिक रहे चाइनीज मांझे पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
पहली घटना रायपुर के पंडरी एक्सप्रेस-वे पर सामने आई, जहां छात्र संकल्प द्विवेदी अपनी बड़ी बहन को स्कूल छोड़ने जा रहा था। चलती बाइक पर अचानक पतंग का चाइनीज मांझा उसके चेहरे में उलझ गया। तेज धार से उसके गाल बुरी तरह कट गए और अस्पताल में 34 टांके लगाने पड़े। हादसे में उसकी बहन का हाथ भी जख्मी हो गया। डॉक्टरों ने स्थायी निशान पड़ने की आशंका जताते हुए प्लास्टिक सर्जरी की सलाह दी है।
इसी दिन रायपुर के लाखेनगर क्षेत्र में मंदिर जा रही नेहा यादव के चेहरे में भी अचानक मांझा फंस गया। उसे हटाने के प्रयास में उनके होंठ और अंगूठे में गहरा कट लग गया। खून बहता देख आसपास के लोग दौड़े और उन्हें डॉक्टर के पास पहुंचाया गया, जहां 10 टांके लगाए गए। भिलाई में चाइनीज मांझे से ठेका श्रमिक असलम (42) गंभीर रूप से घायल हो गया। साइकिल से घर लौटते समय पतंग का मांझा सीधे उसके गले में उलझ गया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। असलम भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका मजदूर बताया जा रहा है।
रायपुर की घटना के बाद छात्र संकल्प द्विवेदी नगर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के पास पहुंचा और कार्रवाई की मांग की। आकाश तिवारी ने कहा कि ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और निगम आयुक्त व कलेक्टर से चाइनीज मांझे की बिक्री-भंडारण पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नगर निगम ने 27 दिसंबर को शहर की दुकानों में छापेमारी कर कई किलो प्रतिबंधित चाइनीज मांझा जब्त किया था, फिर भी हादसे थम नहीं रहे। अधिवक्ता विपिन अग्रवाल के मुताबिक, एनजीटी के 2017 के आदेश के तहत चाइनीज और नायलोन मांझे पर प्रतिबंध है और उल्लंघन पर 1 साल की सजा व 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
