अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, उम्रकैद की सजा व सरेंडर के आदेश पर रोक

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और जेसीसीजे अध्यक्ष अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के सरेंडर करने और उम्र कैद के फैसले पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अमित जोगी को फिलहाल सरेंडर करने की जरूरत नहीं होगी। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 2 अप्रैल 2026 को वर्ष 2007 में दिए गए निचली अदालत का फैसला पलटते हुए जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को धारा 302 और 120-बी के तहत हत्या की साजिश का दोषी करार दिया था और उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

हाई कोर्ट ने जोगी को तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश भी दिया था, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्थगित कर दिया है। बता दें कि 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में 2007 में रायपुर की विशेष अदालत ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, लेकिन रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।