यूपी में टीचर्स को 1 करोड़ तक एक्सीडेंटल बीमा मिलेगा, ऐसा करने वाला पहला राज्य बना
यूपी में शिक्षकों को 1 करोड़ रुपए तक का एक्सीडेंटल बीमा मिलेगा। सीएम योगी ने काशी से बुधवार सुबह साढ़े 11 बजे इसका ऐलान किया। सीएम ने कहा- यूपी ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य है। इस योजना का लाभ शिक्षकों, शिक्षामित्रों और रसोइयों को मिलेगा। इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ समझौता (एमओयू) किया गया है।
स्थायी शिक्षक या कर्मचारियों को 10 लाख रुपए का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस, 1 करोड़ रुपए का पर्सनल एक्सीडेंट कवर, 1 करोड़ रुपए का स्थायी दिव्यांगता बीमा कवर और 1.60 करोड़ रुपए तक का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस मिलेगा। कर्मचारी के साथ अनहोनी होने पर बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी।
10 हजार रुपए से अधिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को 30 लाख से 80 लाख रुपए तक का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर मिलेगा। स्थायी विकलांगता की स्थिति में 30 लाख रुपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 15 लाख रुपए का इंश्योरेंस मिलेगा। कर्मचारी के साथ अनहोनी होने पर बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी।
10 हजार रुपए से कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को 2 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा मिलेगा।
सीएम ने कहा- कैशलेस इलाज के लिए साढ़े चार सौ करोड़ रुपए सालाना खर्च होंगे। इसका भुगतान प्रदेश सरकार करेगी। हम आपसे कुछ नहीं लेंगे। आपसे सिर्फ गुरु दक्षिणा के रूप में यही मांगते हैं कि आप बच्चों पर ध्यान दें। स्कूल का वातावरण स्कूल जैसा होना चाहिए। स्कूल स्वच्छ और सुंदर हो। वहां देश का भविष्य गढ़ने वाला वातावरण हो।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने सीएम की तारीफ की। उन्होंने कहा- राम मंदिर में चढ़ावा चोरी करने वाला कोई भी चोर नहीं बचेगा। सीएम ने ऐसी समिति गठित की है कि कोई कितना भी बड़ा धुरंधर हो, कितने भी बड़े पद पर हो, बच नहीं सकता। प्रदेश में ही नहीं, देशभर में इसकी सराहना हो रही है कि मुख्यमंत्री ने इतना कठोर कदम उठाया।
उन्होंने कहा- 2025-2026 में जो बोर्ड की परीक्षा हुई, उसमें 54-54 लाख बच्चों ने परीक्षा दी। नकल का मामला नहीं आया। मुख्यमंत्री का डंडा इतना जबरदस्त था कि किसी भी नकल माफिया की हिम्मत नहीं पड़ी कि कहीं इधर से उधर करे। न ही कोई पेपर लीक हुआ।
