महिला हॉकी वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंची टीम इंडिया, ऑस्ट्रेलिया से मैच ड्रॉ
भारतीय महिला हॉकी टीम वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकी है। उसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत की जरूरत थी, लेकिन मैच 0-0 से ड्रॉ रहा और ऑस्ट्रेलिया टॉप-4 में पहुंच गई।
एमस्टेलवीन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में भारतीय कोच ने आखिरी 5 मिनट के लिए गोलकीपर को भी बाहर बुला लिया था। ताकि, गोल के मौके बनाए जा सके। लेकिन, गोल नहीं आया।
भारत लगातार तीसरे मैच में गोल नहीं कर सका है। उसे पिछले मुकाबले में नीदरलैंड ने 0-2 से हराया। जबकि, इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला गोलरहित ड्रॉ रहा था। भारतीय टीम की ओर से पिछला गोल साउथ अफ्रीका के खिलाफ 18 अगस्त के मैच में हुआ था। उस में इंडिया 6-1 से जीत हासिल की थी।
48वें मिनट में भारत के पास फील्ड गोल करने का अच्छा मौका था। लेकिन, तीन खिलाड़ियों के बीच कन्फ्यूजन के कारण गोल नहीं हुआ।
यहां कप्तान सलीमा टेटे ने दाएं छोर पर बेहतरीन मूव बनाया और बॉल को लेकर तेजी से आगे बढ़ी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की मिडफील्ड से क्रॉस भी दिया।
डी के अंदर नवनीत, साक्षी और लालरेमसियामी एक-दूसरे के लिए गेंद छोड़ती रहीं। इस तालमेल की कमी के कारण भारत ने बढ़त का अच्छा मौका गंवाया।
ऑस्ट्रेलिया ने पेनल्टी पर गोल किया। लेकिन, इसे डिस-अलाउड कर दिया गया था। यहां पर भारत की डी के अंदर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के शॉर्ट को डेंजर प्ले माना गया था।
40वें मिनट में ऑस्ट्रेलिया के हमले के दौरान केरशॉ का शॉट शिल्पी के शरीर के ऊपरी हिस्से पर लगा और डिफ्लेक्ट होकर गोल में चला गया। डी के अंदर घुटने के ऊपर की बॉल को डेंजर प्ले दिया जाता है।
इस मैच में भारत का डिफेंस शानदार रहा। इसमें ऑस्ट्रेलियाई टीम को पेनल्टी कॉर्नर के 8 मौके मिले। इन सभी को भारतीय डिफेंस ने नाकाम कर दिया।
अगर भारतीय टीम यह मैच जीत लेती, तो सेमीफाइनल में पहुंच जाती। क्योंकि, इससे पहले नीदरलैंड ने चीन को 4-1 हरा दिया था।
इस ड्रॉ के बाद भारत, ऑस्ट्रेलिया और चीन के एक समान 2-2 अंक रहे। गोल अंतर में भी भारत और ऑस्ट्रेलिया बराबरी पर रहे। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई ज्यादा गोल करने की वजह से टॉप-4 में पहुंची।
