अप्रैल में कुल GST कलेक्शन 8.7% बढ़कर ₹2.43 लाख करोड़

मिडिल ईस्ट में जारी टेंशन और होर्मुज पर लगातार बढ़ते तनाव के बीच जहां एक ओर पूरी दुनिया परेशान है. वहीं, दूसरी ओर महीने के पहले दिन यानी 1 मई 2026 को भारत के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में कुल GST संग्रह बढ़कर लगभग 2.43 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया.शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल महीने में भारत का कुल GST कलेक्शन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया और करीब 2.43 लाख करोड़ रुपये रहा. यह पिछले साल के इसी महीने से 8.7% ज्यादा है. ये आंकड़े दिखाते हैं कि दुनिया में चल रही अनिश्चितता के बावजूद कारोबार पर फिलहाल कोई खास असर नहीं पड़ा है. यह नए वित्त वर्ष की शुरुआत में अर्थव्यवस्था की मजबूत रफ्तार की ओर इशारा करता है.

ताजा आंकड़े दिखाते हैं कि अप्रैल 2025 के 2.23 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार GST कलेक्शन में तेज बढ़ोतरी हुई है. साल-दर-साल आधार पर इसमें 8.7% की बढ़त दर्ज की गई. वहीं, नेट GST राजस्व 2.11 लाख करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले से 7.3% ज्यादा है. अप्रैल के ये आंकड़े मार्च महीने की वसूली से जुड़े हैं. इसी दौरान ईरान-इज़राइल-अमेरिका के बीच तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाला और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं. 30 अप्रैल को ब्रेंट क्रूड 126 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया, क्योंकि क्षेत्र में फिर से संघर्ष बढ़ने की आशंका थी.

आंकड़ों के ब्योरे से पता चलता है कि देश के भीतर से मिलने वाला कुल राजस्व साल-दर-साल 4.3% बढ़कर 1.85 लाख करोड़ रुपये हो गया. वहीं, आयात से मिलने वाला GST राजस्व 25.8% बढ़कर 57,580 करोड़ रुपये पहुंच गया. इससे संकेत मिलता है कि कुल बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा घरेलू मांग की बजाय विदेश व्यापार से आया है. रिफंड भी इस महीने बढ़े हैं. कुल रिफंड 19.3% बढ़कर 31,793 करोड़ रुपये हो गया. इसमें घरेलू रिफंड 54.6% बढ़ा, जबकि निर्यात से जुड़े रिफंड में 14% की कमी आई, जिससे कुल बढ़ोतरी थोड़ी कम हो गई.