ट्रम्प-जिनपिंग की बैठक 2 घंटे चली, चीनी राष्ट्रपति बोले- अमेरिका और चीन पार्टनर बनें, प्रतिद्वंद्वी नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में जिनपिंग ने ट्रम्प का स्वागत किया। इस दौरान ट्रम्प को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया। दोनों नेताओं के बीच 2 घंटे बैठक चली। बैठक की शुरुआत में जिनपिंग ने कहा कि पूरी दुनिया इस बैठक पर नजर लगाए हुए है। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और अमेरिका-चीन रिश्ते वैश्विक स्थिरता के लिए बेहद अहम हैं। जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों को “प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार” बनना चाहिए।

वहीं ट्रम्प ने जिनपिंग की तारीफ करते हुए कहा, “आपका दोस्त होना सम्मान की बात है।” ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और चीन के रिश्ते पहले से बेहतर होने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह दुनिया के सबसे बड़े कारोबारी नेताओं को अपने साथ लेकर चीन आए हैं। इस दौरे की सबसे बड़ी चर्चा बोइंग विमान डील को लेकर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन अमेरिकी कंपनी बोइंग से करीब 9 लाख करोड़ रुपए के विमानों की खरीद का बड़ा समझौता कर सकता है। अगर यह डील होती है तो यह दुनिया की सबसे बड़ी एविएशन डील्स में शामिल हो सकती है।

बैठक में व्यापार, टैरिफ, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ताइवान जैसे मुद्दों पर भी बातचीत होगी। पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के रिश्तों में काफी तनाव रहा है, इसलिए इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।

ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में हुई बैठक में ईरान युद्ध, यूक्रेन संकट और अन्य वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। चीन के विदेश मंत्रालय ने दोनों नेताओं की बातचीत की जानकारी दी। चीनी विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों नेताओं ने कई अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार साझा किए। बैठक में मध्य पूर्व की स्थिति, यूक्रेन संकट और कोरियाई प्रायद्वीप के हालात पर चर्चा हुई।