ट्रंप का बड़ा बयान -‘होर्मुज पर हमारा कंट्रोल’, ईरान की घोषणा- अमेरिकी सैनिक को मारने पर मिलेगा 30000 डॉलर का इनाम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2028 में एक और कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि अमेरिकी कानून के तहत उनके लिए ऐसा करना बेहद मुश्किल है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह सचमुच तीसरी बार चुनाव लड़ने को लेकर गंभीर हैं, तो ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, ‘हर कोई मुझसे यही सवाल पूछता है, और आप जानते हैं कि इस मामले में कानून बहुत सख्त है। मैं फिर से चुनाव लड़ना पसंद करूंगा, लेकिन कानून बहुत मजबूत है।’ ईरानी हमलों के बीच होर्मुज को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल है।

बता दें कि अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के अनुसार, कोई भी व्यक्ति दो बार से अधिक राष्ट्रपति नहीं चुना जा सकता। यह संशोधन 1951 में लागू किया गया था, जिसका एक कारण फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट का चार बार राष्ट्रपति चुना जाना भी था। ट्रंप 2016 और 2024 में दो बार राष्ट्रपति चुने जा चुके हैं। बीते हफ्तों में ट्रंप कई बार 2028 का जिक्र कर चुके हैं। एक पत्रकार ने उस डिनर कार्यक्रम का भी उल्लेख किया, जिसमें ‘ट्रंप 2028’ का विज्ञापन दिखाया गया था और जहां उनके समर्थक उन्हें फिर से चुनाव लड़ने के नारे लगा रहे थे।

इस पर ट्रंप ने कहा क‍ि मुझसे हर कोई यह पूछता है। आज रात भी कार्यक्रम में लोग ‘2028’ के नारे लगा रहे थे। हालांकि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि क्या वह संवैधानिक प्रतिबंध को चुनौती देने की कोशिश करेंगे या फिर ऐसा कोई चुनावी अभियान कैसे आगे बढ़ सकता है। उनके जवाब में मौजूदा कानून की मजबूती पर ही जोर दिया गया। राष्ट्रपति ने तुर्की की हालिया यात्रा के दौरान अपनाए गए सुरक्षा इंतजामों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा की व्यवस्था सीक्रेट सर्विस और सेना ने तय की थी और उन्होंने उनकी सलाह का पालन किया।

ट्रंप ने कहा क‍ि यह पूरी तरह सीक्रेट सर्विस पर निर्भर करता है। मैं वही करता हूं जो उन्हें सही लगता है। इसलिए मैं सीक्रेट सर्विस और सेना की सलाह मानता हूं। जब उनसे पूछा गया कि इतने सुरक्षा इंतजामों की जरूरत क्यों पड़ी, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘मुझे बहुत सारी धमकियां मिलती हैं।’ बाद में उन्होंने इस बारे में और विस्तार से कहा, “मुझे ऐसी बहुत सी धमकियां मिलती हैं जिनके बारे में आप नहीं जानते। कोई भी प्रभावशाली राष्ट्रपति हो, उसे बहुत धमकियां मिलती हैं। जिन राष्ट्रपतियों का ज्यादा प्रभाव नहीं होता, उन्हें इस तरह की धमकियां नहीं मिलतीं।”

ट्रंप ने ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े तनावों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर नियंत्रण रखता है और अमेरिकी नौसेना की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हमारा पूरा नियंत्रण है। उस पर सिर्फ हमारा नियंत्रण है, क्योंकि हमारी नौसेना बेहद शानदार है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें ईरान पर भरोसा है, तो ट्रंप ने सीधा जवाब दिया, ‘मुझे ईरान पर भरोसा नहीं है।’ बातचीत की शुरुआत में उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार और रोजगार के आंकड़ों की तारीफ भी की। ट्रंप ने कहा, ‘देश अच्छा कर रहा है। शेयर बाजार शानदार प्रदर्शन कर रहा है।’

ईरान ने एक बड़ा और विवादित एलान किया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, देश के सेना प्रमुख अमीर हातिम ने घोषणा की है कि जो कोई भी अमेरिकी सैनिकों को मारेगा या पकड़कर सौंपेगा तो उसे 30000 डॉलर का भारी इनाम दिया जाएगा।

ईरानी सेना प्रमुख के इस एलान की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यदि कोई ईरानी महिला इस अभियान को अंजाम देती है, तो उसे मिलने वाला इनाम दोगुना कर दिया जाएगा।

सेना प्रमुख के मुताबिक, जनता की ओर से मिल रहे भारी समर्थन और अनुरोधों के बाद इस योजना को तैयार किया गया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह कार्रवाई कब और कहां की जाएगी, क्योंकि इस युद्ध में ईरान के भीतर अमेरिकी जमीनी सैनिकों की कोई बड़ी तैनाती नहीं है।

बता दें कि अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को तेहरान और ईरान के अन्य हिस्सों पर हमले किए थे, जिसके पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी इजराइल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए।

इतना ही नहीं इस संघर्ष के शुरू होने के बाद ईरान ने दुनिया के कुल तेल और गैस का पांचवां हिस्सा ले जाने वाले इस अहम जलमार्ग को लगभग बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं।
इसके अलावा अप्रैल में पाकिस्तान की मध्यस्थता से कुछ समय के लिए संघर्षविराम हुआ था और जून में शांति वार्ता का एक ढांचा तैयार हुआ था, लेकिन वह भी बाद में असफल हो गया। अब दोनों देशों के बीच छिटपुट झड़पें जारी हैं।