उज्जैन : लेंसकार्ट के बाद ऑटोमोबाइल शोरूम में तिलक लगाने को मना, फिर जमकर हुआ विवाद
उज्जैन जिले के नागदा से एक बार फिर धार्मिक पहचान को लेकर विवाद सामने आया है. लेंसकार्ट के बाद अब एक ऑटोमोबाइल शोरूम में तिलक लगाने को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है. नागदा के उज्जैन-जावरा स्टेट हाईवे 17 पर स्थित एक मारुति सुजुकी शोरूम में काम करने वाले मैकेनिक के बीच तिलक लगाने को लेकर विवाद हो गया. जानकारी के मुताबिक, दयानंद कॉलोनी निवासी मैकेनिक रितिक उर्फ गोलू राठौर रोजाना माथे पर तिलक लगाकर काम पर पहुंचता था. इसी बात को लेकर उसके सहकर्मी खाचरौद निवासी मुबारिक लाला आपत्ति जता रहा था. पिछले करीब तीन महीनों से मुबारिक, रितिक को तिलक लगाने से रोकने के लिए दबाव बना रहा था और उसे धमकियां भी दे रहा था. सोमवार को जब रितिक तिलक लगाकर शोरूम पहुंचा, तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई, जो गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी तक पहुंच गई.
घटना की जानकारी मिलते ही हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और शोरूम के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने नारेबाजी करते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. कुछ समय के लिए वहां पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई. सूचना पर मंडी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. रितिक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी मुबारिक लाला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, वहीं इस घटना के बाद इलाके में माहौल को लेकर भी नजर रखी जा रही है.
लेंसकार्ट कंपनी में ड्रेस कोड लेकर एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से मना किया गया, जबकि हिजाब और पगड़ी को शर्तों के साथ मंजूरी दी गई थी. इसी वजह से कई लोगों ने लेंसकार्ट की जमकर आलोचना की थी. बाद में कई हिंदूवादी संगठन भी इसमें कूद पड़े थे और अपनी राय रखी थी.
