बिहार रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बोले – ‘NDA पांडवों की तरह एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है…’,

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुंगर और खगड़िया में आयोजित चुनावी रैलियों में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने विरोधी दलों पर 1990 के दशक के शासन-काल को जंगलराज करार देते हुए विकास और सुरक्षा के मुद्दों पर जनता से NDA को दोबारा बहुमत दिलाने की अपील की. मुंगर रैली में शाह ने लालू-राबड़ी शासनकाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके समय में हत्याएं, फिरौती, अपहरण और जघन्य नरसंहार हुए और उन्होंने बिहार को तहस-नहस कर दिया. उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी की सरकार ने अनेक सालों तक जंगलराज चलाया. हत्याएं, फिरौती, अपहरण, जघन्य नरसंहार और एक प्रकार से हमारे हरे-भरे बिहार को तहस-नहस कर दिया था.

उन्होंने आगे कहा कि 2005 में बिहार की जनता ने उस शासन को विदा कर दिया और उसके बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व और 11 साल से नरेन्द्र मोदी व नीतीश के संयुक्त नेतृत्व में बिहार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. शाह ने चेतावनी दी कि यदि लालू-राबड़ी वापस आ गए तो फिर से जंगलराज वापस आ जाएगा, जबकि मोदी और नीतीश के आने पर बिहार फिर से विकसित बिहार की दिशा में आगे बढ़ जाएगा. रैली में उन्होंने चुनावी गठबंधन के समीकरणों पर भी हमला बोला और कहा कि इस बार NDA के पांच दल पांच पांडवों की तरह एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि महागठबंधन टिकट बंटवारे में ही उलझा हुआ है. उनके मुताबिक इस गठबंधन के पास न तो नेता है, न नीयत है और न नेतृत्व. शाह ने दोहरा संदेश देते हुए कहा कि उनका दल नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है और बीते 20 सालों में NDA की नीतियां स्पष्ट रही हैं. स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई, समय पर दवा, खेतों में सिंचाई और हर घर में पीने का पानी सुनिश्चित करने पर उन्होंने जोर दिया.

उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि 6 तारीख को बिहार के भविष्य का निर्णय करें और कहा कि यहां 4 में से 2 प्रत्याशी भाजपा के और 2 प्रत्याशी जेडीयू के हैं, इसलिए सभी को कमल और तीर के बटन दबाकर NDA को 2/3 बहुमत से सरकार बनाना होगा. खगड़िया रैली में अमित शाह ने देश की सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी अर्थव्यवस्था को 11वें स्थान से चौथे स्थान तक पहुंचाया. हम 2027 से पहले चौथे से तीसरे स्थान पर जाएंगे. मोदी ने हमारे देश को सुरक्षित बनाया. UPA शासनकाल में पाकिस्तान हर दिन हमला करता था और वोट बैंक की राजनीति के कारण तत्कालीन सरकारें चुप रहती थीं.