ADM के थप्पड़ का वीडियो वायरल, अररिया में बवाल, हड़ताल पर गए प्राइवेट डॉक्टर

बिहार : अररिया जिले के प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। इन सबके पीछे है गुरुवार को हुआ थप्पड़ कांड। दरअसल डीएम के निर्देश पर जिले के नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंट सेंटर और पैथोलॉजी लैब्स की जांच की जा रही है। डीएम विनोद दुहन ने मानकों के बगैर चलने वाले लैब पर एक्शन के लिए दो धावा दल बनाए हैं।

इन्हीं में से एक धावा दल की अगुवाई ADM डॉ रामबाबू कर रहे थे। इनकी टीम जांच के लिए अररिया जिले के फारबिसगंज रेफरल रोड स्थित बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में पहुंची। यहां अस्पताल प्रबंधन और धावा दल के सदस्यों के बीच आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गया। इसी बीच आरोप है कि दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान ADM डॉ रामबाबू ने डॉक्टर दीपक कुमार को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई।

मारपीट से भड़के डॉक्टर के समर्थकों ने धावा दल के सदस्यों को एक कमरे में फिर बंधक बना लिया। ये खबर मिलते ही फारबिसगंज एसडीएम अभय कुमार तिवारी, अनुमंडल निर्वाचन पदाधिकारी अविनाश कृष्ण और थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह पुलिस फोर्स लेकर वहां पहुंच गए। इसके बाद कमरे को खुलवाकर बंधक बने धावा दल के सदस्यों को बाहर निकलवाया। धावा दल के सदस्यों में ADM सह उप निर्वाचन पदाधिकारी डॉ रामबाबू, नरपतगंज के पीएचसी प्रभारी डॉ दीपक कुमार सिंह, फारबिसगंज पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव बसाक, अंचलाधिकारी पंकज कुमार, सब इंस्पेक्टर संजीव कुमार और पुलिस बल के जवान शामिल थे।

अस्पताल प्रबंधन ने करीबन आधे घंटे तक धावा दल के सदस्यों को कमरे में बंधक बनाए रखा। दोनों ओर से एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया गया है।अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में एडीएम के पहले डॉक्टर को थप्पड़ जड़ने का वीडियो है, जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इस मामले को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और भाषा ने गंभीरता से लिया है। अररिया,पूर्णिया और सुपौल के साथ राज्य स्तर पर आईएमए और भाषा की मीटिंग भी की गई। इसक बाद शुक्रवार को अररिया जिले के सभी प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। नीचे आप मारपीट का वो वीडियो देख सकते हैं।

बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के संचालक एवं कुर्साकांटा निवासी डॉ दीपक कुमार सुपौल जिला के निर्मली अनुमंडल अस्पताल में चीफ मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। उन्होंने धावा दल के सदस्यों के द्वारा दुर्व्यवहार करने और फिजिकल अटैक के लिए पहल करने की बात कही। उन्होंने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में सारी घटना के कैद होने की बात कही। हालांकि उन्होंने खुद और उनके कर्मचारियों के द्वारा बचाव में फिजिकल यानी मारपीट करने की बात भी कबूल की है।

सूचना के बाद सिविल सर्जन डॉ के के कश्यप भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। उन्होंने मामले में जांच कर कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने बताया कि डीएम के निर्देश पर धावा दल का गठन किया गया है,जो जिले में संचालित निजी अस्पताल की जांच के लिए है। तय मानकों का पालन अस्पताल, पैथोलॉजी सेंटर,अल्ट्रासाउंड सेंटर प्रबंधन के द्वारा किया जा रहा है या नहीं, के साथ अग्निशमन, वेस्टेज लाइसेंस और अस्पताल के रजिस्ट्रेशन और चिकित्सक की डिग्री समेत अन्य कागजातों की जांच कर रही है।

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