कांग्रेस की बैठक में अपनों पर ही भड़के विकास उपाध्याय, बोले- AC कमरे से निकलो, जनता के बीच जाओ

बिलासपुर में बिजली की बढ़ी कीमतों और स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस के आंदोलन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान कांग्रेस के ही नेताओं की कार्यशैली पर आंदोलन के जिला प्रभारी और रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय नाराज नजर आए। उन्होंने नेताओं को साफ कहा कि केवल बैठक में भाषण देने से आंदोलन मजबूत नहीं होगा। इसके लिए जमीन पर उतरकर जनता के बीच काम करना होगा।

बिलासपुर जिला कांग्रेस कार्यालय में शहर और ग्रामीण कांग्रेस की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिजली के बढ़े दाम और स्मार्ट मीटर के खिलाफ चलाए जा रहे विरोध अभियान की समीक्षा की गई। इस दौरान ब्लॉक, मंडल और बूथ स्तर के पदाधिकारियों से जनता से विरोध पत्र भरवाने और अभियान की प्रगति की जानकारी ली गई।

बैठक में नेताओं की लगातार भाषणबाजी देखकर विकास उपाध्याय ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भवन में बैठकर एक-दूसरे को भाषण सुनाने से कोई फायदा नहीं होगा। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एसी कमरों से बाहर निकलकर वार्ड, पंचायत और चौपाल तक पहुंचना होगा। उन्होंने कहा कि जनता बिजली के बढ़े बिल और स्मार्ट मीटर की समस्या से परेशान है। ऐसे में कांग्रेस को उनकी आवाज बनकर मैदान में उतरना चाहिए। आंदोलन केवल कागज और बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि कई इलाकों में जनता से विरोध पत्र भरवाने का काम धीमी गति से चल रहा है। इस पर विकास उपाध्याय ने पदाधिकारियों से नाराजगी जताई और तय समय में अभियान पूरा करने के निर्देश दिए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री की मौजूदगी में ब्लॉक, मंडल और बूथ प्रभारियों से जमीनी स्थिति की जानकारी ली गई। जिलाध्यक्षों ने दावा किया कि बिजली की महंगाई और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर जनता का समर्थन कांग्रेस को मिल रहा है।

विकास उपाध्याय ने कहा कि महंगी बिजली का असर मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर और छोटे कारोबारियों समेत सभी वर्गों पर पड़ रहा है। ऐसे में विपक्ष की भूमिका निभाते हुए कांग्रेस को इस मुद्दे पर मजबूती से जनता के बीच जाना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार के खिलाफ आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए घर-घर संपर्क करें और लोगों की समस्याओं को सामने लाएं। बैठक में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।