आधी रात प्रेमिका से मिलने पहुंचा युवक, भाई ने देख लिया तो फावड़े से उतारा मौत के घाट
जांजगीर-चांपा : ग्राम कोसा के चर्चित अमित भंडारी हत्याकांड की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस के मुताबिक हत्या की मुख्य वजह प्रेम प्रसंग रही। मृतक अमित भंडारी का गांव की ही संतोषी सिंह से शादी से पहले से प्रेम संबंध था और शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी थी। इसी प्रेम संबंध को लेकर संतोषी के भाई बजरंग सिंह ने अमित की कथित तौर पर फावड़े से वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को करीब 24 घंटे से अधिक समय तक घर के पीछे छिपाकर रखा गया और बाद में गांव के बीच निर्जन बाड़ी में ठिकाने लगा दिया गया।
पुलिस के अनुसार 27 जून की रात अमित और संतोषी करीब रात 1:30 बजे तक फोन पर बात करते रहे। इसके बाद लगभग 2:30 बजे अमित संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान टेंट का काम खत्म कर घर लौटे संतोषी के भाई बजरंग सिंह ने पीछे से आवाज सुनी। वहां पहुंचने पर उसने अमित को अपनी बहन के साथ देख लिया। इसके बाद विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। बताया गया कि संघर्ष के दौरान अमित का सिर पीछे की दीवार से टकराया, जिससे वहां खून के निशान बन गए। अमित जान बचाकर दीवार फांदकर भागने का प्रयास कर रहा था, तभी बजरंग ने पास पड़े छोटे फावड़े/रापा से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया।
गंभीर चोटों के कारण अमित की मौत हो गई। घटना के बाद बजरंग ने शव को घर के पीछे झाड़ियों में छिपा दिया। पुलिस के मुताबिक अगले दिन बजरंग ने अपने बड़े भाई पप्पू सिंह को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने अमित की तलाश करने का नाटक किया और परिजनों के साथ थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई। 28 जून की रात दोनों ने मौका देखकर शव को गांव के बीच स्थित एक निर्जन बाड़ी में पहुंचा दिया। 29 जून को शव मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने CDR, IPDR, टावर डंप, GPS, CCTV फुटेज और संदिग्धों की लोकेशन समेत कई तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
बिलासपुर की सीनियर ट्रैकर डॉग विमला की लीड भी जांच में महत्वपूर्ण रही। पुलिस ने ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसी आधुनिक तकनीकों का भी सहारा लिया। पूछताछ में आरोपियों के बार-बार बयान बदलने और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस का शक गहराता गया। सख्ती से पूछताछ के बाद बजरंग सिंह, संतोषी सिंह और पप्पू सिंह ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा/रापा और शव को दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल की गई छोटी सीढ़ी बरामद की गई। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि बजरंग सिंह को पुलिस रिमांड पर लेकर आगे फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
