नेपाल में भारत की सीमा से सटे दो कस्बों में हिंसा…. पुलिस पर हुआ पथराव, थाने में की गई तोड़फोड़

दक्षिणी नेपाल में भारतीय सीमा के नजदीक दो कस्बों में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक धार्मिक सामग्री प्रसारित किए जाने के बाद मस्जिद में तोड़फोड़ की गई। इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोग हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव व थाने में तोड़फोड़ की, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। हिंसा में सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

भारत के रक्सौल से सटे परसा जिले के बीरगंज कस्बे में शनिवार को धनुषा जिले की एक मस्जिद में तोड़फोड़ के विरोध में प्रदर्शन हुए। धनुषा पुलिस ने बताया कि टिकटॉक वीडियो पोस्ट करने व तोड़फोड़ में शामिल होने के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि दो युवकों ने सोशल मीडिया पर हिंदू विरोधी सामग्री प्रसारित की थी। इसके विरोध के दौरान धनुषा जिले के कमला नगरपालिका के सखुवा मारन इलाके में कुछ लोगों ने मस्जिद में तोड़फोड़ की। घटनाओं के विरोध में लोगों ने रविवार सुबह बीरगंज में टायर जलाकर प्रदर्शन किया।

नेपाल के जेन-जी आंदोलन के दौरान 8 व 9 सितंबर, 2025 को हुई गोलीबारी व अन्य घटनाओं की जांच के लिए गठित आयोग ने तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को बयान देने के लिए नोटिस दिया है। आयोग को बयान देने नहीं जाने की बात सार्वजनिक रूप से करने वाले ओली को उनके गुंडु स्थित निवास पर नोटिस थमाया गया।

आयोग सदस्य ने नोटिस दिए जाने की पुष्टि की है। अब ओली को सात दिनों के भीतर जवाब देना होगा। जांच आयोग 8-9 सितंबर को जेन-जी आंदोलन के दौरान गोली चलने और दमन के आरोपों को लेकर तत्कालीन सरकार के प्रमुख के रूप में ओली का बयान लेना चाहता है। ओली इससे पहले सार्वजनिक कार्यक्रमों में स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्होंने गोली चलाने का कोई आदेश नहीं दिया था।

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