15 करोड़ साल पहले दुनिया का कैसा था भूगोल? नई रिसर्च ने चौंकाया
क्या आज के समय आप सोच सकते हैं कि बर्फ से ढका अंटार्कटिका किसी समय में भारत से सीधे जुड़ा था. अगर आपसे कोई ऐसा कहे, तो संभव है कि आप इसको नकार देंगे. हालांकि, हालिया एक रिसर्च में ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसने चौंका दिया. शोधकर्ताओं ने पाया कि आज से करीब 15 करोड़ साल पहले भारत और अंटार्कटिका एक ही भू-भाग के हिस्सा थे. हैरान करने वाली बात है कि इनके बीच एक विशाल पर्वत श्रृंखला भी फैली हुई थी. दरअसल, शोधकर्ताओं ने अपनी खोज में पाया कि करोड़ों साल पहले जब महाद्वीप अलग-अलग हुए, तब ये पहाड़ियां भी टूट गईं. बता दें कि हाल में ही भारतीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने आंध्र प्रदेश में कुछ चट्टानों का अध्ययन किया है. शोधकर्ताओं ने पाया कि ये चट्टानें पूर्वी अंटार्कटिका की चट्टानों से काफी हद तक मेल खाती थी.
इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने पाया कि भारत और अंटार्कटिका पहले सुपरकॉन्टिनेंट गोंडवाना का हिस्सा थे. इसी गोंडवाना में अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका भी शामिल थे. इसके बाद धरती के टेक्टॉनिक प्लेटों में काफी बदलाव हुए और यह भूभाग अलग-अलग दिशाओं में खिसक गए.
शोध कर रहे वैज्ञानिकों ने बताया कि भारत और अंटार्कटिका के बीच उस वक्त जो पर्वत श्रंखला थी, वह समय के साथ टूट गई और दोनों महाद्वीप आज के समय में एक दूसरे से हजारों किलोमीटर दूर हैं. हालांकि, शोध में पाया गया कि चट्टानों की बनावट और उनकी उम्र अब भी इनके पुराने रिश्तों के बारे में बता रही है. इस रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने ग्रेनुलाइट नाम की एक मजबूत चट्टानों का परीक्षण किया. इसमें जिरकॉन जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो अत्यधिक गर्मी और दबाव में भी नहीं बदलते हैं.
इस खोज से वैज्ञानिकों को और पक्का यकीन हो गया है कि भारत और अंटार्कटिका पहले एक थे. शोधकर्ताओं ने माना है कि इस प्रकार की खोजें पृथ्वी के इतिहास, महाद्वीपों के बनने और बिगड़ने और जलवायु परिवर्तन को समझने में काफी मददगार साबित होती हैं.
